उत्तर प्रदेश में अयोध्या जिले की तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास बीते चार दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए है।उनकी सरकार से मांग है कि मुस्लिमों की नागरिकता समाप्त कर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना चाहिए।

इस मांग के साथ ही परमहंस दास ने मुस्लिमों को पाकिस्तान-बांग्लादेश भेजे जाने और पाकिस्तान-बांग्लादेश के हिंदुओं को वापस भारत लाने की भी मांग की है। 12 अक्तूबर से ही अनशन पर बैठे महंत परमहंस दास का बुधवार सुबह श्रीराम हास्पिटल की मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान महंत का वजन सवा दो किलो घट गया है।

उन्होने कहा कि उनके द्वारा छह महीने पहले ही राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर अवगत कराया जा चुका है। कहा कि जब देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ और पाकिस्तान को मुस्लिम राष्ट्र घोषित कर दिया गया। फिर भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने में क्या आपत्ति है? अगर देश का बंटवारा धर्म के आधार पर नहीं हुआ तो बंटवारे का कोई औचित्य ही नहीं है। पाकिस्तान और बांग्लादेश का भारत में विलय करके अखंड भारत की घोषणा कर देनी चाहिए।

महंत परमहंस दास ने कहा कि अगर भारत में अल्पसंख्यक समुदाय अपनी आबादी बढ़ाता रहा तो 1 दिन ऐसा आएगा, जब अल्पसंख्यक फिर देश के विभाजन की बात करेंगे। इससे देश के टुकड़े होने का खतरा है। इसलिए मेरी मांग है कि भारत को अब हिंदू राष्ट्र घोषित कर देना चाहिए। इस दौरान उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मेरी मांग स्वीकार नहीं होगी, तब तक मैं अन्य जल का त्याग कर यूं ही आमरण अनशन पर बैठा रहूंगा।

इस मौके पर उत्तराखंड के स्वामी ओंकारानंद सरस्वती, चारू शिला के महंत रामटहल शरण वेदांती, विश्व हिंदू रक्षा संगठन की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अर्चना, संतोष दूबे समेत अन्य मौजूद रहे।

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