कानपुर | राष्ट्रिय उलेमा काउंसिल के अध्यक्ष आमिर रश्दी मदनी ने सैफुल्ला एनकाउंटर सवाल उठाते हुए इसे फर्जी करार दिया. उन्होंने सैफुल्ला के परिवार से मिलने के बाद इसे सरकारी आतंकवाद की संज्ञा दी. उन्होंने कहा की मैं इसके लिए हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लडूंगा. सैफुल्ला के परिवार को भड़काने के आरोप में मदनी पर कानपुर के एसएसपी ने केस दर्ज करने का निर्देश दिया है.

शुक्रवार को सैफुल्ला के परिवार से मिलने के बाद मदनी आतिफ के घरवाओ से मिले. मुलाकात में बाद मदनी ने मोहल्ले के लोगो को इकठ्ठा कर उन्हें संबोधित किया. इस दौरान मदनी ने सैफुल्ला एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए कहा की कुछ सबूत इस और इशारा करते है की सैफुल्ला पहले से ही पुलिस की हिरासत में था. मसलन अगर सैफुल्ला घर के अन्दर था और पुलिस बाहर तो उनको सैफुल्ला के पिता का नम्बर कहाँ से मिला?

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मदनी ने आगे कहा की पुलिस ने सैफुल्ला के पिता से बात की और उन्हें सैफुल्ला से बात कर सरेंडर करने के लिए कहा. यह साफ़ तौर पर बताता है की सैफुल्ला पुलिस की हिरासत में था. मदनी ने इस एनकाउंटर को सरकारी आतंकवाद की संज्ञा देते हुए की एनकाउंटर में शामिल सभी पुलिस वालो का नार्को टेस्ट होना चाहिए. इस दौरान मदनी ने दावा किया की सैफुल्ला के पिता अपना बयान बदलना चाहते है लेकिन वो काफी दबाव में है.

मदनी ने एडीजी ( लॉ एंड आर्डर) पर भी सवाल उठाते हुए कहा की उन्होंने बार बार अपने बयान बदले. मदनी ने इस पूरी कार्यवाही को आरएसएस और अखिलेश की साजिश करार देते हुए कहा की वोटो का धुर्विकरण करने के लिए दोनों ने यह साजिश रची. उधर सैफुल्ला के पिता सरताज ने मदनी के बयान को गलत बताते हुए कहा की वो उनके बारे में जो कह रहे है वो झूठ है. मैं वहां होता तो उनको चुप करा देता. मैं आज भी पूरी तरह से देश के साथ डटा खड़ा हुआ हूँ.

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