इन दिनों देश भर में भगवान जगन्नाथ की यात्राएं निकाली जा रही है। लेकिन इसी बीच वे बीमार हो गए और शुक्रवार को डॉक्टर को उनका चेकप करना पड़ा। डॉक्टर की और से बीमार भगवान को परवल का जूस पिलाकर श्रद्धालुओं में प्रसाद स्वरूप जूस वितरित करने की सलाह दी।

बताया जा रहा है कि भगवना जगन्नाथ आषाढ़ मास की पूर्णिमा 28 जून को बीमार हो गए थे। तभी से उनके रासमंडल स्थित मंदिर का कपाट बन्द कर दिया गया था। इस बीच बीमार पड़े भगवान जगन्नाथ को सिर्फ अजवाइन, सोंठ, काली मिर्च, तुलसी, लौंग आदि से बना काढ़ा दिया जा रहा था। जिससे कि भगवान को ठीक हो जाए।

आचार्य डा.रजनीकान्त द्विवेदी ने धर्म शास्त्रों के अनुसार बताया कि भगवान जगन्नाथ का एक भक्त रामदास काफी बीमार हो गया था। उसने भगवान से कहा कि हम आपके इतने भक्त हैं फिर भी इतने दिन से बीमार हैं। भगवान ने कहा कि हर किसी को उसका भोग को तो भोगना ही पड़ता है। यही कहकर भगवान जगन्नाथ ने उसकी बीमारी अपने ऊपर लेकर बीमार हो गए। इसकी एक कथा यह भी है कि जून की भीषण गर्मी में भगवान जगन्नाथ व्याकुल हो उठे तो उनके भक्तों ने उन्हें शीतलता पहुंचाने के लिए 1008 घड़ा पानी से नहला दिया। जिससे उन्हें सर्दी-जुकाम की बीमारी लग गई।

jagg

भगवान जगन्नाथ के स्वास्थ्य की जांच पड़ता डा.क्षितिज शर्मा ने की। इस मौके पर भारी संख्या में भक्त मंदिर में उपस्थित रहे। आचार्य डा.रजनीकान्त द्विवेदी में बताया कि भगवान जगन्नाथ के नगर भ्रमण के लिए रथ तैयार कर लिया गया हैं। शाम पांच बजे रासमंडल स्थित जगन्नाथ मंदिर से रथ यात्रा निकाली जाएगी।

इसके पूर्व सुबह भगवान की विशेष पूजा अर्चना, आरती आदि कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। पूजन के मुख्य यजमान डा.रजनीश श्रीवास्तव होंगे।

Loading...
विज्ञापन
अपने 2-3 वर्ष के शिशु के लिए अल्फाबेट, नंबर एंड्राइड गेम इनस्टॉल करें Kids Piano