मध्यप्रदेश के इंदौर में संदिग्ध महिला को देखने पहुंची डॉक्टर की टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया। जिसके बाद इन लोगों को अपनी जान बचा कर भागना पड़ा। बता दें, इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण के 20 नये पॉजिटिव मरीज मिले हैं।

जानकारी के अनुसार, शहर की टाटपट्टी बाखल में ऐसी ही घटना हुई। टाटपट्टी बाखल में तहसीलदार चरणजीत हुडा के साथ दो महिला डॉक्टर, चार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पुलिस के सिपाही कोरोना संक्रमण से प्रभावित लोगों का सर्वे करने पहुंचे थे। स्वास्थ्य अमला तो स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंचा था, लेकिन दूसरी तरफ करीब 40 लोगों का हुजूम उन पर पथराव करने लगा।

मामला सामने आने के बाद ज़िले के कलेक्टर मनीष सिंह ने सख्त लहज़े में कहा, “डॉक्टर और हेल्थ स्टाफ से कोई भी बदतमीजी करेगा तो उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। यह पूरी तरह स्पष्ट कर देना चाहता हूं। हमारी टीम-डॉक्टर, पुलिसकर्मी दिन रात मेहनत कर रहे हैं और शहर की जनता के स्वास्थ्य के लिए घूम रहे हैं। इनके साथ यदि कोई बदतमीजी होगी तुरंत FIR होगी, गिरफ्तारी होगी और जेल भी भेजा जाएगा।

घटना को लेकर मशहूर शायर, राहत इंदौरी ने कहा, ‘कल रात 12 बजे तक मैं दोस्तों से फोन पर पूछता रहा कि वह घर किसका है, जहां डॉक्टरों पर थूका गया है, ताकि मैं उनके पैर पकड़कर माथा रगड़कर उनसे कहूं कि खुद पर, अपनी बिरादरी, अपने मुल्क व इंसानियत पर रहम खाएं। यह सियासी झगड़ा नहीं, बल्कि आसमानी कहर है, जिसका मुकाबला हम मिलकर नहीं करेंगे तो हार जाएंगे।

उन्होने कहा, ज्यादा अफसोस मुझे इसलिए हो रहा है कि रानीपुरा मेरा अजीज मोहल्ला है। ‘अलिफ’ से ‘ये’ तक मैंने वहीं सीखा है। उस्ताद के साथ मेरी बैठकें वहीं हुईं। मैं बुजुर्गों ही नहीं, बच्चों के आगे भी दामन फैलाकर भीख मांग रहा हूं कि दुनिया पर रहम करें। डॉक्टरों का सहयोग करें। इस आसमानी बला को फसाद का नाम न दें। इंसानी बिरादरी खत्म हो जाएगी। जिंदगी अल्लाह की दी हुई सबसे कीमती नेमत है। इस तरह कुल्लियों में, गालियों में, मवालियों की इसे गुजारेंगे तो तारीख और खासकर इंदौर की तारीख जहां सिर्फ मोहब्बतों की फसलें उपजी हैं, वह तुम्हें कभी माफ नहीं करेगी।

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