सेकड़ों वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों की पीएम मोदी को चिट्ठी – कश्मीर के हालात को लेकर जताई चिंता

11:22 am Published by:-Hindi News
New Delhi: Prime Minister Narendra Modi gestures as he speaks at a function to launch the MSME Support and Outreach Programme, in New Delhi, Friday, Nov 2, 2018. (PTI Photo/Kamal Kishore) (PTI11_2_2018_000134B)

5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को रद्द कर देने के बाद से ही कश्मीर के हलात तनावपूर्ण बने हुए है। पूरी घाटी में लाखों सुरक्षाबलों की तैनाती है। वहीं मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं अब भी पूरी तरह शुरू नहीं हुई हैं।

ऐसे में 500 से अधिक भारतीय वैज्ञानिकों और बुद्धिजीवियों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कश्मीर में लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया। वैज्ञानिकों और रिसर्च स्कॉलर्स ने सरकार को चिट्ठी लिखते हुए कहा कि सरकार अधिकारों को बनाए रखने और सभी नागरिकों के कल्याण की रक्षा करने के लिए होती है।

इन लोगों ने मोबाइल और इंटरनेट सेवाओं पर अंकुश लगाने और कश्मीर में विपक्षी राजनेताओं और सरकार का विरोध करने वालों की नजरबंदी को “अलोकतांत्रिक” बताया है। इन लोगों ने कहा, “कोई भी विचारधारा का व्यक्ति हो। लोकतंत्र का मूल अधिकार है कि सत्तारूढ़ पार्टी को कोई अधिकार नहीं है कि बिना किसी अपराध या आरोप के राजनीतिक विरोधियों को इस तरह से हिरासत में रख सके।

Symbolic

वैज्ञानिकों ने कहा कि प्रतिबंधों ने कश्मीर के लोगों की ज़िंदगी बेहद मुश्किल कर दी है। लोगों को आवश्यक आपूर्ति, दवाओं की खरीद और उनके बच्चों के स्कूल जाने को लेकर मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा “हमारे संस्थानों में, हमने छात्रों को परेशान होते देखा है क्योंकि वे कश्मीर में अपने परिवार से संपर्क नहीं कर पा रहे हैं।

बता दें कि घाटी के अधिकतर नेता एहतियातन हिरासत में है। जिनमे दो पूर्व मुख्यमंत्रियों उमर अब्दुल्ला एवं महबूबा मुफ्ती समेत मुख्यधारा के नेताओं को या तो हिरासत में या नजरबंद रखा गया है।

Loading...