कृषि कानूनों को रद करवाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन में शामिल पंजाब के एक वकील ने रविवार सुबह जहरीला पदार्थ निगल कर खुद जीवनलीला समाप्त कर ली। मृतक के पास से 18 दिसंबर को लिखा हुआ एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। यह प्रधानमंत्री मोदी को लिखा एक पत्र है।

वकील का नाम अमरजीत है। इस पत्र में उन्होने तीनों कृषि कानूनों को किसान विरोधी बताया है और कहा है कि किसान मजदूर और आम आदमी की रोटी मत छीनिए। उन्होने लिखा, “भारत के लोगों ने आपको पूर्ण बहुमत, ताकत और भरोसा दिया ताकि आप उनकी जिंदगी को समृद्ध बनाएं… लेकिन बहुत दुख के साथ ये लिखना पड़ रहा है कि आप अंबानी और अडानी के प्रधानमंत्री बन गए हैं। आपके तीन कृषि कानूनों से किसान और मजदूर छला हुआ महसूस कर रहे हैं और उनका जीवन बर्बाद होना निश्चित है।”

अपने नोट में अमरजीत ने आगे लिखा है, “लोग वोटों के लिए नहीं बल्कि अपने परिवार और पीढ़ियों के लिए सड़कों पर उतरे हुए हैं। कुछ पूंजीपतियों को खिलाने के लिए आपने आम लोगों और खेती को तबाह कर दिया है, जो भारत की रीढ़ है… कृपया किसानों, मजदूरों और आम लोगों को सल्फास खाने पर मजबूर मत कीजिए। आपने सामाजिक तौर पर जनता और राजनीतिक तौर पर अकाली दल जैसे सहयोगियों को धोखा दिया है।”

उन्होने कहा, “ऐसा कहा जाता है कि आपको गोधरा जैसी कुर्बानियों की चाह है, इसलिए मैं इस विश्‍वव्‍यापी विरोध के समर्थन में अपना बलिदान दे रहा हूं ताकि आपकी गूंगी और बहरी आत्मा को जगाया जा सके।

सीएमओ झज्जर डॉ. संजय दहिया ने बताया कि  बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल में वे करीब नौ बजकर 22 मिनट पर पहुंचे।  प्राथमिक दवा देने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

झज्जर जिले के एक पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘ मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है ओर उनके आने पर बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।’ उन्होंने बताया कि इस घटना के बारे में उन्हें अस्पताल प्रशासन ने सूचित किया था।

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