आरएसएस नेता ने CJI पर उठाई उंगली, कहा – राम मंदिर पर केंद्र सरकार का कानून तैयार

11:46 am Published by:-Hindi News

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पर ही सवाल खड़े करते हुए कहा कि देश का संविधान जजों की बपौती नहीं, जो उनके मुताबिक चलेगा।

इंद्रेश कुमार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के तीन सदस्यीय बेंच पर हमला बोलते हुए कहा कि हो सकता है कि आदेश लाने के खिलाफ कोई सरफिरा सुप्रीम कोर्ट जाएगा तो आज का चीफ जस्टिस उसे स्टे भी कर सकता है।’ उन्होने कहा, ”मैं सुप्रीम कोर्ट के तीनों जजों के बेंच का नाम नहीं लेना चाहता क्योंकि देश की 125 करोड़ की देशवासी इन तीनों जजों का नाम जानते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में को टाला है। सुप्रीम कोर्ट जानकर इस मामले को टाल रहा है।”

इंद्रेश कुमार ने कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट देश की चुप्पी का फायदा उठा रहा है, जब वह आतंकवाद के मुद्दे के लिए आधी रात को सुनवाई कर सकते हैं तो जिससे सवा करोड़ देश की जनता की भावना जुड़ी है उसको टाल रहे हैं।’ उन्होंने कहा, क्या ये बहुत गंभीर बात नहीं है? हम भारतीय कानूनी प्रक्रिया के ब्लैक डे में जी रहे है, जहां सुप्रीम कोर्ट लोगों की भावना को ठेस पहुंचा रहा है।

कुमार ने दावा किया कि सरकार कानून के साथ तैयार है।  राम मंदिर मामले में कुछ जजों ने सुनवाई नहीं की, कुछ ने देरी की। कोर्ट के फैसले का इंतजार भाजपा सरकार करती रही लेकिन अब राम मंदिर के लिए 11 दिसंबर के बाद बिल आएगा।  इंद्रेश कुमार पंजाब विश्वविद्यालय के इंग्लिश डिपार्टमेंट में जोशी फाउंडेशन की ओर से आयोजित राम मंदिर पर हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा कि 1470 में इस्लाम के अंतिम रसूल मोहम्मद साहब 38 दिन के पैदल सफर पर मदीना से मक्का लौटे तो उन्होंने अपने कोटेशन में कहा था कि जब भी मैं तन्हा या तन्हाई में होता हूं तो मुझे हिंद की सरजमीं से एक ठंडी हवा आती है, जो मुझे सुकून पहुंचाती है। कहा, आज इसी जमीन पर लोग जहर उगलने का काम कर रहे हैं।

विदेशी स्कॉलरों का उदाहरण देते हुए कहा, ब्रुनी समेत 700 से अधिक स्कॉलर ने लिखा है कि हिंदुस्तान के एक भी घर में ताला नहीं लगता, भिखारी कहीं नहीं मिलते। भूख से कोई आदमी नहीं मरता लेकिन आज कौन सा ग्रहण लग गया, जो सब कुछ पलट गया है।

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