देखे Video: लद्दाख में श’हीद हुए लांस नायक सलीम खान को दी गई अंतिम विदाई

पंजाब के पटियाला के रहने वाले लांस नायक सलीम खान (24) लद्दाख में शही’द हो गए। उन्हे रविवार को दोपहर करीब 2 बजे विशेष विमान से लेह से पटियाला के बलबेड़ा रोड पर स्थित मर्दांहेड़ी गांव में पहुंचा। उसके बाद पूरे राजकीय सम्मान के साथ उन्हें सपुर्दे ए खाक किया गया।

शहीद सलीम खान भारत-चीन सीमा पर लद्दाख क्षेत्र में श्योक नदी के पास सेना की 58वीं इंजीनियर रेजिमेंट में तैनात थे। 26 जून को दोपहर करीब 1.30 बजे शहीद सलीम खान की ड्यूटी श्योक नदी में नाव से भारतीय सेना के अभियानों से संबंधित बचाव कार्यों के लिए रस्सियों को स्थापित करने की थी। इस बीच सलीम खान की नाव पलट गई।  जिसके बाद लगभग 3.20 बजे उनके शहादत की खबर आई।

पटियाला मिलिट्री स्टेशन के कमांडर ब्रिगेडियर प्रताप सिंह राणावत ने शहीद के ताबूत पर लिपटा तिरंगा झंडा शहीद की मां को सौंपकर सैल्यूट किया। इस मौके पर भारतीय फौज के बिगलर ने मातमी धुन बजाई और जवानों ने हथियार उलटे करके गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए फायर कर शहीद को सलामी दी।

पंजाब के कैबिनेट मंत्री साधु सिंह धर्मसोत व डीसी कुमार अमित शहीद के गांव पहुंचे और शहीद को अंतिम श्रद्धांजलि भेंट की। वहीं मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह ने लद्दाख़ में शहीद हुए पटियाला के गांव मरदांहेड़ी के जवान सलीम ख़ान की शहादत को सलाम किया है।

मुख्यमंत्री ने ट्विट करते लिखा कि लद्दाख़ में शहीद हुए लांस नायक सलीम ख़ान की शहादत को सलाम है। वह पटियाला के गांव मरदांहेड़ी के रहने वाले थे, हम इस दुख की घड़ी में उनके परिवार के साथ हैं। पूरा देश बहादुर लांस नायक सलीम ख़ान की शहादत को सलाम करता है।

अमरिंदर सिंह ने लांस नायक सलीम खान के परिवार को एक्सग्रेशिया अनुदान के तौर पर 50 लाख रुपये और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लांस नायक के परिवार को हरसंभव मदद करेगी।

बता दें कि 14 जनवरी 1996 को सलीम खान का जन्म हुआ था और वह फरवरी 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनके पिता मंगल दीन ने भी भारतीय फौज में सेवा निभाई थी और ड्यूटी दौरान एक हादसे में जख्मी होने कारण वह सेवामुक्त हो गए थे। करीब 18 साल पहले उनका देहांत हो गया था।

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