आज बरेली में जानशीन मुफ़्ती ए आजम ए हिन्द हज़रत मौलाना अख्तर रज़ा खां उर्फ अजहरी मियां को उनके लाखो मुरीदों ने नम आँखों के साथ अंतिम विदाई दी। बता दें कि वे पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। शुक्रवार की शाम करीब 6 बजे उनका इंतकाल हो गया।

उनके जनाजे में शामिल होने के लिए लाखों की संख्या में देश-विदेश से मुरीद बरेली पहुंचे। इस दौरान बरेली आए मुरीदों को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। दरअसल, यहाँ मेहमानों और अक़ीदतमंदों की खिदमत के लिए हिन्दू भाई जुटे हुए थे। इस नजारे को देखकर वे यहाँ की गंगा-जमुनी तहजीब के कायल हो उठे।अजहरी मियां की आखिरी विदाई में दिखा खुलूस और भाईचारे का नजारा

बरेली पहले ही भाईचारे और कौमी एकता के लिए प्रसिद्ध रहा है। लेकिन अजहरी मिया की अंतिम विदाई ने बरसो पुरानी इस रवायत को फिर से जिंदा कर दिया। लोगों ने यहाँ अक़ीदतमंदों की खिदमत में न किसी का धर्म देखा और न किसी की जात-पात।

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जगह-जगह पानी की सबीले लगाए हिन्दू भाई मुरीदों की प्यास बुझाते हुए नजर आ रहे थे। तो कोई खाना उपलब्ध करा रहा था। तो कोई लोगों को रहने के लिए जगह मुहैया करवा रहा था। सस्ता खाना उपलब्ध कराने के लिए दूकानदारों ने भी अपने सामानों पर कीमतों मे काफी कमी कर दी।

उल्लेखनीय है कि देश के सुन्नी बरेलवी मुलसमानों के सबसे बड़े मज़हबी रहनुमाओं में से एक रहे है।ताजुशरिया के इंतकाल की खबर से आलम ए इस्लाम में शोक की लहर है।