Tuesday, August 3, 2021

 

 

 

चंद्रयान-2 से जुड़ी बड़ी खुशखबरी आई सामने – सुरक्षित है लैंडर विक्रम, नहीं पहुंचा कोई नुकसान

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चंद्रयान-2 को लेकर बड़ी खबर आई है। चंद्रयान-2 के विक्रम लैंडर से संपर्क टूटने के बाद बिना उम्मीद खोए कोशिश कर रहे इसरो के लिए बड़ी राहत की खबर है। दरअसल, चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग करने के बावजूद चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है।

इसरो ने बताया कि ऑर्बिटर द्वारा भेजे गए चित्र के अनुसार यह एक ही टुकड़े के रूप में दिखाई दे रहा है। इसरो की टीम चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम के साथ संपर्क स्थापित करने की कोशिशों में लगी हुई है।

इसरो मिशन से जुड़े एक अधिकारी ने सोमवार को दावा किया कि यह ऑर्बिटर के ऑन-बोर्ड कैमरे द्वारा भेजी गई तस्वीरों से यह साफ हो गया है कि जहां पर लैंडिंग होनी थी, वहां लैंडर की हार्ड लैंडिंग हुई है। ऑर्बिटर की तस्वीरमें लैंडर एक ही टुकड़े के रूप में दिख रहा है। लैंडर टुकड़ों में नहीं टूटा है। यह चांद की सतह पर झुकी हुई स्थिति में है।

इसरो के अधिकारी ने आगे कहा, ‘जब तक सब कुछ समझ में नहीं आ जाता, लैंडर विक्रम को लेकर उम्मीदें बरकरार हैं। हालांकि लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करने की संभावना बेहद कम है। उन्होंने कहा कि अगर वहां एक सॉफ्ट लैंडिंग हुई है और सभी सिस्टम सही तरह काम कर रहे हैं तभी विक्रम लैंडर से संपर्क किया जा सकता है।’

इसरो के अधिकारी ने बताया, ‘ देखिए हमारे पास ऐसे अनुभव हैं जब अंतरिक्ष यान (जो संपर्क खो चुका था) से दोबारा संपर्क स्थापित किया गया है, लेकिन यहां (विक्रम के मामले में) यह इतना लचीला नहीं है। लैंडर विक्रम पहले से ही चांद की सतह पर पड़ा हुआ है और हम इसकी स्थिति नहीं बदल सकते। महत्वपूर्ण बात ये है कि एंटेना को सही करना होगा, उसकी पोजीशन ग्राउंड स्टेशन या ऑर्बिटर की ओर करनी होगी, जो कि आसान नहीं है। ऐसी चीजें अंतरिक्ष में काफी जटिल होती हैं। लेकिन ऐसे समय में भी हमने आशा नहीं छोड़ी है। हम अपनी कोशिश कर रहे हैं।

अधिकारी ने आगे बताया कि लैंडर विक्रम के लिए ऊर्जा इकट्ठा करना कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं है, क्योंकि इसके चारों ओर सोलर पैनल हैं और इसमें एक आंतरिक बैटरी है जिसका अधिक उपयोग नहीं किया गया है। इससे वह अपनी ऊर्जा की खपत पूरी कर सकता है।

बता दें, चंद्रयान -2 में एक ऑर्बिटर, लैंडर (विक्रम) शामिल है और रोवर (प्रज्ञान) हैं। चांद पर एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर होता है।

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