Thursday, August 5, 2021

 

 

 

कोर्ट के आदेश के बाद इस गांव में दी जा सकती है बाबरी के लिए जमीन

- Advertisement -
- Advertisement -

अयोध्या मामले में फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को मस्जिद के लिए पांच एकड़ जमीन देने का निर्देश प्रदेश सरकार को दिया है। कोर्ट के इस निर्देश के बाद मस्जिद के लिए दी जाने वाली जगह की तलाश शुरू हो गई है।

जानकारी के अनुसार, अयोध्या की 14 कोसी परिक्रमा क्षेत्र से बाहर सदर तहसील के पूरा विकास खंड अन्तर्गत शहनवां ग्रामसभा का नाम आगे आया है। इसके साथ ही राजस्व विभाग ने सोहावल बीकापुर और सदर तहसील क्षेत्र में भी जमीन की तलाश शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि शहनवां ग्रामसभा में बाबर के सिपहसालार मीरबाकी के क्रब होने का दावा किया जाता रहा है। इस गांव के निवासी शिया बिरादरी के रज्जब अली व उनके बेटे मो. असगर को बाबरी मस्जिद का मुतवल्ली कहा गया।

इसी परिवार को ब्रिटिश हुकूमत की ओर से 302 रुपये छह पाई की धनराशि मस्जिद के रखरखाव के लिए दी जाती थी। सुन्नी सेन्ट्रल वक्फ बोर्ड के दावे में इसका जिक्र भी किया गया। वहीं कहा जा रहा है कि पूर्व मुतवल्ली के वारिसान आज भी इसी गांव में रह रहे हैं।

इन वारिसान की ओर से भी मस्जिद के निर्माण के लिए अपनी जमीन दिए जाने की घोषणा की जा चुकी है। बता दें कि सन्1990-91 में तत्कालीन प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह के कार्यकाल में हिन्दू-मुस्लिम पक्ष की वार्ता के दौरान मस्जिद के लिए विहिप की ओर से ही शहनवां गांव में जमीन दिए जाने का प्रस्ताव किया गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles