नई दिल्ली | गुरमीत राम रहीम इंसा, एक ऐसा नाम जो आज पुरे हिंदुस्तान में चर्चा का विषय बना हुआ है. भारत में इस शख्स के करोडो लोग अनुयायी बताये जाते है. लेकिन एक बाबा के भेष में छिपे बलात्कारी को कानून ने सलाखों के पीछे भेज दिया. जब कानून इस तरह से बिना भेदभाव इन्साफ करता है तो देश के छोटे से छोटे आदमी को इस बात का यकीन हो जाता है की उसकी सुरक्षा के लिए इस देश में अभी भी न्याय संस्थाए जिन्दा है.

लेकिन हमें यह नही भूलना चाहिए की कानून भी सबूतों और गवाहों के आधार पर काम करता है. अगर गवाह और सबूत ही नही मिलेंगे तो कानून भी कुछ नही कर पायेगा. इसलिए इस मामले में उन दो साध्वियो को भी नमन किया जाना चाहिए जो शुरू से लेकर अंत तक अपने बयान से नही डिगी. वो एक ऐसे शख्स के अन्याय के खिलाफ लड़ रही थी जिसके पास करोडो समर्थक और हजारो करोड़ रूपए की संपत्ति थी.

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इसी बीच मामले में गवाह बनी एक लड़की सामने आई है. द हिन्दू से बात करते हुए इस लड़की ने बताया की राम रहीम को सजा मिलने से वह खुश है. लड़की ने इसे न्याय की जीत बताते हुए कहा की आज मुझे न्याय मिल गया. इसी लड़की की गवाही की वजह से राम रहीम को सजा हुई. वही लड़की के पिता ने बताया की डेरे की तरफ से केस को वापिस लेने के लिए काफी दबाव बनाया गया लेकिन वो अपने फैसले पर काबिज रहे.

अपनी पहचान छिपाते हुए लड़की ने अख़बार से कहा की वो सबसे पहले 2009 में कोर्ट में गयी थी. उस दिन राम रहीम भी कोर्ट में मौजूद था. लेकिन मैं उससे न तब डरी और न ही आज डरती हूँ. फ़िलहाल लड़की की शादी हो चुकी है और उसके दो बच्चे भी है. 2009 के बाद इस मामले की कार्यवाही में उसके पिता ने हिस्सा लिया. पिता ने बताया की हमारे ऊपर डेरे की तरफ से काफी दबाव बनाया गया. हमें मुंह मांगी कीमत तक देने का भी ऑफर किया गया लेकिन हम पीछे नही हटे.