गुजरात के सूरत पुलिस हेड क्वार्टर में कार्यरत महिला कॉन्स्टेबल सुनीता यादव का कर्फ्यू नियमों को तोड़ने पर स्वास्थ्य मंत्री किशोर कानाणी के बेटे को फटकार लगाने पर ट्रांसफर कर दिया गया। हालांकि वह छुट्टी पर चली गई है। इसी बीच खबर है कि उन्होने अपनी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है।

जानकारी के अनुसार, घटना शुक्रवार रात करीब 10 बजे की है। दरअसल, स्वास्थ्य मंत्री किशोर कानाणी का पुत्र प्रकाश कानाणी पिता की MLA लिखी कार लेकर घटनास्थल पर पहुंचे थे और उसके बाद मंत्री पुत्र और पुलिस कॉन्स्टेबल सुनीता यादव के बीच कहासुनी हुई थी। वायरल वीडियो क्लिप में युवक को कहते सुना जा सकता है कि उसकी पहुंच इतनी है कि वह उसे यहीं पर 365 दिनों के लिए खड़ा करवा सकता है। इस पर महिला कॉन्स्टेबल कहती है कि वह उनकी दासी या उसके पिता की सेवक नहीं है कि वे 365 दिनों के लिए यहीं पर उसे तैनात करवा दें।

वीडियो में सुनीता यादव एक शख्स से पूछती नजर आ रही है कि वे कर्फ्यू के दौरान घर से बाहर क्यों निकले? इस पर वह शख्स कहता है कि वह मंत्री कानाणी का बेटा है और अपने दोस्तों की मदद के लिए आया है। पुलिस ने कुमार, कानाणी के बेटे प्रकाश (37) और उनके दो दोस्तों दुष्यंत जीवराज गोधानी (41) और संजय ककाड़िया (42) को रविवार को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया।

सुनीता ने आरोप लगाया कि, पुलिस सिस्टम भ्रष्ट हो गया और और नेताओं की गुलामी करने लगा है। सुनीता ने सोमवार को कहा कि, ”कुछ पुलिस कर्मचारियों ने जी भरकर नेताओं की गुलामी की है.. क्योंकि स्वाभिमान और वर्दी की रक्षा से ज़्यादा पैसा प्यारा था और उसी कमजोर और भ्रष्ट सिस्टम के कारण नेता आज कुछ अच्छे कर्मचारियों को भी एक नाप-तोल रहे हैं। लेकिन हम झुकने वालों में से नहीं।”

ए-डिविजन के सहायक पुलिस आयुक्त सी के पटेल ने कहा कि प्रकाश कनानी और उसके दो दोस्तों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188, 269, 270 और 144 के तहत मामला दर्ज किया गया है। वैसे, उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया। पटेल ने कहा कि यादव बीमारी की छुट्टी पर चली गई हैं और मामले की जांच जारी है।

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