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शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्र ने संवैधानिक संप्रभुता को सर्वोच्च करार देते हुए कहा कि सबको इसके समक्ष समर्पण करना चाहिए क्योंकि इसके अभाव में देश में अराजकता फैल जाएगी.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार आल ओडिशा लॉयर्स एसोसिएशन के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति मिश्र ने कहा, ‘हम सब संवैधानिक संप्रभुता के नीचे हैं और संवैधानिक वर्चस्व के आगे हम सबको आत्मसमर्पण करना पड़ेगा.’

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उन्होंने कहा, संवैधानिक संप्रभुता नहीं होने से देश अराजकता के भंवर में डूब जाएगा और इसलिए कानून के नियमों का पालन करना सबके लिए आवश्यक है.

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘हम सब लोगों को अपने दिमाग में यह बात बिठाने की जरूरत है कि विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका समेत सभी संवैधानिक संप्रभुता के नीचे हैं.’

उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार ने पिछले चार साल में 170 अदालतों की स्थापना की है और जल्दी ही 50 नई अदालतें स्थापित की जाएंगी.

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