दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नजीब अहमद के गायब होने के मामले में संदिग्ध 9 छात्रों के मोबाइल फोन की जांच चंडीगढ़ की फॉरेन्सिक प्रयोगशाला कराकर रिपोर्ट 19 मार्च तक जमा कराने का आदेश दिया है.

न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति एम.एस. मेहता की बेंच ने ये निर्देश दिया है. इस दौरान सीबीआई के वकील ने बताया कि फोरेंसिक अधिकारियों का कहना है कि नौ व्यक्तियों के मोबाइल फोन अभी भी परीक्षा में हैं और जल्द ही रिपोर्ट दी जाएगी.

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अदालत नजीब की मां फातिमा नफीसा द्वारा 15 अक्टूबर 2016 को गायब होने के बाद दायर की गई एक याचिका पर सुनवाई कर रही है. बेंच ने कहा,”सीबीआई की स्थिति रिपोर्ट से, नौ व्यक्तियों के मोबाइल फोन के विश्लेषण जांच में एक महत्वपूर्ण कदम होगा.”

सीबीआई ने एक सीलबंद लिफ़ाफ़े में अब तक उठाए गए अपने कदमों की जांच से जुड़ी एक स्थिति रिपोर्ट भी अदालत में पेश की. इस दौरान नफीसा के वकील कॉलिन गोन्सवलवे ने कहा कि जिन लोगों ने गायब होने से एक दिन पहले नजीब को धमकी दी थी, उन्हें अभी तक हिरासत में नहीं लिया गया है.

गौरतलब रहें कि लापता होने से पहले कथित तौर पर नजीब के साथ ABVP के कार्यकर्ताओं ने कैंपस में मारपीट की थी. इस मामले की जांच को डेढ़ साल का वक्त गुजर गया. लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं लगा.