नई दिल्ली | अयोध्या में विवादित स्थल पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की. उन्होंने कहा की चूँकि यह मामल आस्था से जुड़ा है और काफी संवेदनशील है इसलिए इस मामले को अदालत के बातचीत के जरिए सुलझा लेना चाहिए. अगर फिर भी बात नही बनती तो अदालत मध्यस्ता करने के लिए तैयार है. इसके लिए अदालत मध्यस्त के तौर पर किसी न्यायधीश को नियुक्त करने के लिए भी तैयार है.

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद पुरे देश में अयोध्या विवाद को लेकर एक बार फिर बहस छिड गयी. इस मामले को बातचीत के जरिये सुलझाने की करीब 9 बार कोशिश की जा चुकी है लेकिन हर बार विफल रही. इसलिए यह जानना जरुरी हो जाता है की आखिर इस बार की बातचीत में नया क्या होगा जिससे यह मामला सुलझ जाए. चूँकि इस बार सुप्रीम कोर्ट ने खुद समझौते की बात की है तो शायद कोर्ट दोनों पक्षों को मौका देना चाहता है की आप चाहे तो बातचीत के जरिये इसे हल कर सकते है क्योकि अदालत के फैसले के बाद कुछ भी बदला नही जा सकता.

आइये आपको अयोध्या विवाद की पूरी कहानी के बारे में बताते है.

  • साल 1528 को मुग़ल बादशाह बाबर ने फतेहपुर सिकरी के राजा राणा संग्राम सिंह को हराकर बाबरी मस्जिद का निर्माण कराया. मस्जिद के निर्माण का पूरा जिम्मा जनरल मीर बांकी को सौपा गया. मान्यताये है की मीर बांकी ने पुराने मंदिर को तोड़कर मस्जिद का निर्माण कराया. कुछ इतिहासकार कहते है की पहले से मौजूद मंदिर में बड़े पैमाने पर बदलाव कर मस्जिद का निर्माण कराया गया.
  • इस स्थल पर विवाद है. हिन्दुओ का मानना है की यह वही स्थान है जहाँ भगवान् राम का जन्म हुआ था.
  • 1940 तक मुस्लमान इस मस्जिद को मस्जिद-ए-जन्मस्थान के नाम से पुकारते थे.
  • 1947 में विवाद बढ़ने पर सरकार ने मुसलमानों पर मस्जिद में जाने पर रोक लगा दी , मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया और हिन्दुओ को दुसरे रास्ते से जाने की इजाजत दे दी गयी.
  • 1949 में यहाँ भगवान् राम की मुर्तिया मिलने से विवाद बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. आरोप लगाया गया की हिन्दुओ ने इन मूर्तियों को वहां रखा है. बाद में अदालत में केस दर्ज कराया गया. हिन्दुओ की और से महंत परमहंस रामचंद्र दास तो मुस्लिमो की तरफ हाशिम अंसारी को पैरोकार बनाया गया.
  • 1984 में विश्व हिन्दू परिषद् ने लाल कृष्ण अडवाणी के नेतृत्व में राम मंदिर निर्माण के लिए एक समूह का गठन किया.
  • 1989 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने हिन्दुओ के पक्ष में फैसला सुनाते हुए कहा की मुख्य द्वार खोलकर हिन्दुओ को यह जगह दे देनी चाहिए. इसके बाद मंदिर निर्माण के लिए मस्जिद को नुक्सान पहुँचाया गया तो देश में साम्रदायिक तनाव फ़ैल गया. इसके बाद निर्माण को रोक दिया गया.
  • 1990 में लाल कृष्ण अडवाणी ने राम मंदिर निर्माण के लिए रथ यात्रा शुरू की जिसे काफी जन समर्थन मिला.
  • 1992 में कार सेवको ने बाबरी मस्जिद को गिरा दिया और वहां अस्थायी राम मंदिर का निर्माण कर दिया.
  • इसके बाद पुरे देश में दंगा भड़क गया जिसमे करीब दो हजार लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
  • बाबरी मस्जिद विध्वंस के करीब 10 दिन बाद जांच के लिए लिंकन अब्राहिम जाँच आयोग का गठन किया गया.
  • 2003 में उच्च न्यायलय के आदेश पर पुरातत्व ने विवादित स्थल की खुदाई की जो करीब चार महीने चली. पुरातत्व विभाग ने रिपोर्ट में बताया की ढांचे के नीचे 10वी सदी के मंदिर के अवशेष मिले है.
  • जून 2009 को लिंकन अब्राहिम जांच आयोग ने रिपोर्ट दी जिसमे कई हिन्दू और बीजेपी नेताओं को बाबरी विध्वंस के लिए जिम्मेदार ठहराया गया.
  • 2010 में इलाहबाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया की विवादित जमीन को तीन हिस्सों में बाँट दिया जाए. एक हिस्सा मुस्लिम संगठनों को , दूसरा हिस्सा हिन्दू संगठनों को और तीसरा हिस्सा निर्मोही अखाड़े को दे दिया जाए. विवादित स्थल को हिन्दू संगठन को देने का आदेश दिया गया. जिसमे मुस्लिम संगठन ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी.
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