लखनऊ | उत्तर प्रदेश को नया मुख्यमंत्री मिल गया है. शनिवार शाम को बीजेपी की विधायक दल की बैठक में बीजेपी के सबसे कट्टर हिन्दुत्वादी और विवादित नेता योगी आदित्यनाथ को नया मुख्यमंत्री चुना गया. योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री चुनने से बीजेपी नेतृत्व पर कई सवाल खड़े हो गए है. अभी तक विकास के मॉडल पर आगे बढ़ रही मोदी सरकार , योगी को यूपी की कमान देकर क्या जानबूझकर हिंदुत्व मॉडल को आगे करना चाहती है?

जानकारों के अनुसार विधानसभा चुनावो में बीजेपी को धुर्विकरण का काफी फायदा हुआ है इसलिए वो इसे आगे भी जारी रखना चाहती है. आगामी लोकसभा चुनावो को देखते हुए बीजेपी ने धुर्विकरण के सबसे बड़े चहरे योगी आदित्यनाथ को यूपी की कमान सौपने का फैसला किया है. बीजेपी आगामी लोकसभा चुनावो में उनकी छवि को भुनाने का जरुर प्रयास करेगी. आइये आपको योगी आदित्यनाथ की कुछ ख़ास बाते बताते है.

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योगी आदित्यनाथ मूल रूप से उत्तराखंड के पौढ़ी गढ़वाल में पंछुल नाम के रहने वाले है. उनका जन्म इसी गाँव में 5 जून 1972 को हुआ था. करीब 22 साल की उम्र में उन्होंने सन्यासी जीवन धारण किया और गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ के महंत अवैद्यनाथ के शिष्य बने. योगी आदित्यनाथ 1998 में पहली बार सांसद बने. उस समय उनकी उम्र केवल 26 साल थी. योगी 12वि लोकसभा के सबसे युवा सांसद थे.

इसके बाद से वो लगातार गोरखपुर से लोकसभा का चुनाव जीतते आये है. 2014 के लोकसभा चुनाव में वो लगातार 5वी बार गोरखपुर से सांसद चुने गए. 2014 में ही उनकी गुरु गोरक्ष पीठाधीश्वर महंत अवैद्यनाथ का निधन हो गया. इसके बाद उन्हें महंत की उपाधि दे दी गयी. योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी के समकक्ष ही ‘हिन्दू युवा वाहिनी’ नामक संगठन बनाया हुआ है. हालाँकि योगी इसे गैर राजनितिक संगठन बताते है.

पुरे देश में योगी की छवि कट्टर हिन्दुत्वादी नेता की रही है. वो अक्सर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादित बयान देने के लिए सुर्खियों में रहते है. इन चुनावो में भी उन्होंने प्रचार के दौरान कहा था की अगर बीजेपी को चुनेगे तो राम मंदिर बनेगा नही तो कर्बला और कब्रिस्तान. इसके अलावा कैराना मुद्दे पर उन्होने कहा था की हम कैराना को कश्मीर नही बनने देंगे.

गोरखपुर से सांसद योगी आदित्यनाथ ने वहां के कई बाजारों के नाम भी बदले दिए. अब गोरखपुर का उर्दू बाजार, हिंदी बाजार , अली नगर को आर्य नगर और मियां बाजार को माया बाजार के नाम से जाना जाता है. योगी का असली नाम अजय सिंह बिष्ट है और उन्होंने उत्तराखंड की हेमवती नंदन बहुगुणा यूनिवर्सिटी से साइंस में स्नातक किया हुआ है.

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