mohammed hassan ali 620x400

तेलंगाना के हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद हसन अली जो कक्षा 7 में पढ़ते है। लेकिन वह सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छात्रों को ‘डिजाइन और ड्राफ्टिंग’ की कोचिंग देते है। इन छात्रों के बीच वह नन्हें प्रोफेसर के रूप में फेमस है।

एएनआई के अनुसार, सुबह के वक्त, मोहम्मद हसन अली किसी आम 11 साल के विद्यार्थी की तरह स्कूल जाता है। लौटने के बाद वह अपना होमवर्क पूरा करता है। खेलने जाता है और हर शाम छह बजे वह प्रोफेसर की भूमिका में आ जाता है। वह ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के छात्रों को भी पढ़ाता है। जो उससे लगभग दोगुनी उम्र के होते हैं।

हसन अली ने बताया, ” मैं ये पिछले साल से कर रहा हूं। मैं सुबह स्कूल जाता हूं और शाम को मैं तीन बजे तक लौट आता हूं। इसके बाद मैं होमवर्क करता हूं। शाम को छह बजे तक मै। कोचिंग इंस्टीट्यूट में जाकर सिविल, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल के इंजीनियरों को पढ़ाता हूं।”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

उन्होने बताया, ” मैंने इंटरनेट पर एक वीडियो देखा था। इस वीडियो में ये दिखाया गया था कि कैसे पढ़ने-लिखने के बावजूद भारतीय नागरिकों को विदेशों में छोटी-छोटी नौकरियां करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। उसी वक्त मेरे दिमाग में ये ख्याल आया कि ऐसा क्या है जिसकी कमी हमारे इंजीनियर्स में है? मैंने महसूस किया कि हमारे इंजीनियर्स के पास प्राथमिक तौर पर टेक्निकल और संवाद की स्किल का भारी अभाव है। वे इसके प्रति पूरी तरह से जागरूक भी नहीं हैं। चूंकि डिजाइनिंग मेरा प्रिय विषय था, इसलिए मैंने उसे सीखना और पढ़ाना शुरू कर दिया।”

सिविल इंजीनियर जी. सुषमा ने हसन अली के बारे में एएनआई से कहा, ”मैं पिछले डेढ़ सालों से यहां सिविल सॉफ्टवेयर सीखने के लिए आ रही हूं। वह हम सभी से छोटा है लेकिन हमें बेहद अच्छी तरह से हर विषय पढ़ा लेता है। उसकी स्किल बेहद अच्छी है और जो भी वह पढ़ाता है उसे समझना बेहद आसान हो जाता है। उसके इंस्टीट्यूट की अन्य छात्रा साई रेवती ने एएनआई को बताया,” मैं एम.टेक ग्रेजुएट हूं और यहां पर बीते एक महीने से पढ़ रही हूं। वह हमें कई कोर्स पढ़ाता है। वह अपने काम में बेहद अच्छा है।

Loading...