देश भर में एमबीबीएस और बीडीएस पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए होने वाली साझा प्रवेश परीक्षा, नीट 20017 को उर्दू माध्यम में भी आयोजित कराए जाने की मांग से जुड़ी एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र सरकार और भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई) से जवाब मांगा है.

स्टूडेंट इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन (एसआईओ) की तरफ से दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और आर भानुमति की पीठ ने कहा, नोटिस जारी किया जाए. पीठ ने भारतीय चिकित्सा परिषद की पूर्व में दी गई उस दलील को भी ध्यान में रखा जिसमें उसने कहा था कि वो संबंधित राज्य के अनुरोध करने पर किसी भी को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के माध्यम के तौर पर शामिल करने के लिए तैयार है.

एसआईओ की तरफ से पेश हुए वकील ने न्यायालय को सूचित किया कि महाराष्ट्र और तेलंगाना पहले ही एमसीआई को सूचित कर चुके हैं कि नीट के आयोजन में उर्दू को भी परीक्षा के माध्यम के तौर पर शामिल किया जाए.

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नीट का आयोजन अभी 10 भारतीय ओं- हिंदी, अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, उडि़या, बंगाली, असमिया, तेलुगु, तमिल और कन्नड – में किया जाता है.

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