Tuesday, December 7, 2021

पेट्रोल-डीजल के बेलगाम होते दाम पर केन्द्रीय मंत्री का विवादित बयान कहा, तेल खरीदने वाला नही मर रहा भूखा, सोच समझकर लिया फैसला

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नई दिल्ली | पूर्व की यूपी सरकार में जब पेट्रोल-डीजल के दामो में बढ़ोतरी की जाती थी तब विपक्ष में बैठी बीजेपी इसे आम आदमी की जेब पर डाका करार देते थी. उस समय बीजेपी का तर्क था की पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ने से महंगाई बढती है. इसी मुद्दे को बीजेपी ने लोकसभा चुनावो में खूब भुनाया भी था. लेकिन उस समय कच्चे तेल के दाम भी आसमान छु रहे थे. इसलिए तेल के दाम भी लगातार बढ़ रहे थे.

लेकिन केंद्र में मोदी सरकार आते ही उसी महंगाई ने अब विकास की चादर ओढ़ ली है. इसलिए पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से कोई महंगाई नही बढ़ेगी. क्योकि अब महंगाई तेल के दामो से तय नही होती. वैसे भी सरकार बढे हुए दामो से जो टैक्स वसूल रही है उसी से देश के गरीबो का विकास भी तो कर रही है. चाहे कच्चे तेल के दाम कितने भी धरातल में आ जाए लेकिन जनता को ऊँचे दरो पर ही पेट्रोल और डीजल खरीदना होगा.

उपरोक्त विचार केन्द्रीय राज्य मंत्री केजे अलफोंस के है जिनका मानना है की जो लोग टैक्स वहन कर सकते है उनको टैक्स देना होगा. देश में बेलगाम होते पेट्रोल डीजल के दामो पर केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री केजे अलफोंस ने कहा की पेट्रोल और डीजल वही लोग खरीदते है जिनके पास बाइक या कार होती है. ऐसे लोग भूखे नही मर रहे है. सरकार ने सोच समझकर यह फैसला लिया है. वैसे भी पेट्रोलियम उत्पादों से मिलने वाला पैसा गरीबो के कल्याण में भी खर्च किया जायेगा.

अलफोंस ने आगे कहा की सरकार की नीति बिलकुल स्पष्ट है. हम गरीबो के हितो के लिए काम कर रहे है. उनके लिए घर का निर्माण, शौचालय, स्कूल और हर गांव में बिजली पहुंचाना ही हमारा मकसद है. इसके लिए काफी पैसे की जरुरत है. इसलिए हमने टैक्स बढाया जिससे की देश के गरीबो को एक बेहतर जीवन मिल सके. इससे जो पैसा इकठ्ठा हो रहा है वो हमारे प्रधानमंत्री या मंत्री चुरा नही रहे है, जबकि पूर्व की सरकार में जो भी पैसा सरकार को मिला, मंत्रियों ने खा लिया, चुरा लिया. सत्ताधारी पार्टी के लोग पचा गए.

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