Monday, October 18, 2021

 

 

 

देशद्रोह मामले में केरल हाईकोर्ट ने दी आयशा सुल्ताना को अग्रिम जमानत

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केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को फिल्म निर्माता आयशा सुल्ताना को लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल खोड़ा पटेल के खिलाफ की गई टिप्पणी के मामले में ग्रिम जमानत दे दी। उनके खिलाफ इस मामले को लेकर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।

भाजपा लक्षद्वीप के अध्यक्ष सी अब्दुल खादर हाजी की शिकायत के आधार पर उनके खिलाफ ये मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमे आरोप लगाया था कि सुल्ताना ने केंद्र की आलोचना की थी और चल रहे राजनीतिक संकट के बारे में एक मलयालम समाचार चैनल पर एक बहस के दौरान पटेल को लक्षद्वीप में “जैव हथियार” कहा था।

केरल उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने 17 जून को ही उन्हें एक सप्ताह के लिए अंतरिम अग्रिम जमानत दे दी थी। रविवार को वह मामले के सिलसिले में पूछताछ के लिए लक्षद्वीप कवरत्ती पुलिस के समक्ष पेश हुईं। सुल्ताना ने पीटीआई-भाषा को बताया कि उनके साथ उनके वकील भी हैं और वह पुलिस का सहयोग करेंगी।

लक्षद्वीप प्रशासन ने गुरुवार को केरल उच्च न्यायालय के समक्ष तर्क दिया कि सुल्ताना ने अंतरिम जमानत पर रहते हुए कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघ’न किया था।

एक फेसबुक पोस्ट में अपने बयान को सही ठहराते हुए सुल्ताना ने लिखा, ‘मैंने टीवी चैनल डिबेट में बायो वेपन शब्द का इस्तेमाल किया था। मैंने महसूस किया है कि पटेल और उनकी नीतियों ने एक जैव-हथियार के रूप में [काम किया है]। पटेल और उनके दल के माध्यम से ही लक्षद्वीप में कोविड-19 फैला। मैंने पटेल की तुलना सरकार या देश से नहीं, बल्कि एक जैव हथियार के रूप में की है… आपको समझना चाहिए। मैं उसे और क्या कहूं…”

सुल्ताना हाल ही में प्रस्तावित कानून और विवादास्पद सुधार उपायों के खिलाफ हालिया अभियान में सबसे आगे रही है, जिससे लक्षद्वीप में स्थानीय लोगों में व्यापक गुस्सा पैदा हो गया है।

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