नई दिल्ली | 14 फरवरी 2015 को दिल्ली के रामलीला मैदान से जब एक आम आदमी की आवाज गूंजी की ‘मैं अरविन्द केजरीवाल , शपथ लेता हूँ’ तो लगा अब भारत की राजनितिक में जरूर बदलाव आयेगा. लोगो को उम्मीद थी की सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार दूर होगा, खूब विकास कार्य होंगे और केजरीवाल की कुछ नयी नीतिया दिल्ली वासियों की जिन्दगी को खुशनुमा बनाएगी. इसके अलावा सरकारी अस्पताल और सरकार स्कूलों की हालत सुधारना भी एक बड़ी चुनौती थी.

आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बने दो साल पुरे हो गए. इन दो सालो में दिल्ली वासियों ने दिल्ली में कितना बदलाव महसूस किया ये तो वो ही बेहतर बता सकते है लेकिन क्या जिन मुद्दों को लेकर आम आदमी पार्टी का गठन हुआ , क्या वो मुद्दे सरकार में आने के बाद सुलझे है या अभी बहुत काम करना बाकी है. हालाँकि दिल्ली में सरकारी स्कूलों और सरकारी अस्पतालों की हालत में जरुर सुधार दिखाई दिया है.

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इसके अलावा केजरीवाल सरकार की महत्तवकांशी योजना ‘मोहल्ला क्लिनिक’ की विरोधी भी तारीफ करते है. यही नही इस योजना को बाकी प्रदेशो में शुरू करने की भी योजना बनायी जा रही है. अब सवाल यह उठता है की केजरीवाल सरकार ने पिछले दो सालो में कितना काम किया है? उनके इन दो सालो में क्या क्या उपलब्धिया रही है? इन सभी सवालों का जवाब दिल्ली सरकार आज खुद देगी.

मंगलवार शाम 4 बजे के करीब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सरकार का पिछले दो साल का रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी. इस दौरान उनके साथ सभी मंत्री भी मौजुद रहेंगे. उपलब्धिया गिनाने के लिए करीब 100 पेज की रिपोर्ट तैयार की गयी है. इस रिपोर्ट को पेश करने के लिए दो नारे भी तैयार किये गए है. ‘दो साल बेमिसाल’ और ‘साल तो केवल दो ही हुए है लेकिन काम ढेरो हुए है’.

इस दौरान सचिवालय में कुछ अधिकारी और मीडिया कर्मी मौजुद रहेंगे. उम्मीद है की सरकार अपनी आगामी योजनाओं के बारे में जनता को बताएगी. खबर है की सरकार आम आदमी कैंटीन और वाई-फाई लगाने सम्बन्धी प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी जनता के सामने रखेगी. हालांकि सरकार दावा कर रही है की उन्होंने इन दो सालो में काफी काम किया है लेकिन विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने इसे नकारते हुए कहा की पिछले दो साल सरकार की विफलताओ के साल रहे.

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