जम्‍मू-कश्‍मीर के कठुआ में आठ साल की बच्‍ची के साथ मंदिर में सामूहिक बलात्कार और हत्या के मामले में आरोपी पक्ष की और से जुड़े गवाहों को सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा देने से इनकार कर दिया है. साथ ही एक बार फिर से सीबीआई जांच की मांग को भी खारिज कर दिया.

न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि कठुआ बलात्कार एवं हत्या मामले की जांच जम्मू-कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा ही करेगी.

बता दें कि घटना के मुख्य आरोपियों में से एक विशाल जंगोत्रा की तरफ से गवाही देने वाले उसके तीन दोस्तों- साहिल, सचिन और नीरज शर्मा ने पुलिस की प्रताड़ना से खुद को बचाने, उन्हें सुरक्षा मुहैया कराए जाने तथा मामले की सीबीआई से जांच कराए जाने का न्यायालय से अनुरोध किया था.

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तीनों जम्मू के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के कृषि कॉलेज में विशाल जंगोत्रा के साथ पढ़ाई करते हैं. तीनों याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार से 50 लाख रुपये का मुआवजा देने की भी मांग की थी.

जम्मू-कश्मीर सरकार ने इन आरोपों का जवाब देने के लिए अदालत से वक्त मांगा है. सरकार का यह भी कहना है कि पुलिस पर लगाए जा रहे ये आरोप जांच को प्रभावित करने की कोशिशें हैं.

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