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केंद्र की मोदी सरकार द्वारा कशमीर मुद्दें को लेकर हुर्रियत समेत सभी पक्षों से बातचीत के लिए नियुक्त किये गए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा ने घाटी के मौजूदा हालात पर चिंता जाहिर की है.

आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) के पूर्व प्रमुख ने कहा कि घाटी के हालात तनावपूर्ण हैं और सुधार के लिए प्रयास करने होंगे वरना हालात यमन, सीरिया और लीबिया जैसे हो जाएंगे. उन्होंने कहा, घाटी में फैलती कट्टरता से एक दिन कश्मीरी समाज ही तबाह हो जाएगा.

शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य हिंसा समाप्त करने के लिए ‘जितनी जल्दी हो सके’ किसी को भी, यहां तक कि एक रिक्शा चालक और ठेला चालक भी, जो राज्य में शांति स्थापना में अपना योगदान दे सकते हैं, उन्हें बातचीत में शामिल करना है.

उन्होंने कहा, “मुझे कश्मीर के लोगों की चिंता है. अगर यह चलता रहा, तो यहां के हालात यमन, सीरिया और लीबिया जैसे हो जाएंगे. कई समूह आपस में लड़ना शुरू कर देंगे. इसलिए यह महत्वपूर्ण है कि सभी, हम सभी इस वार्ता में सहयोग करें, ताकि कश्मीरियों की परेशानी कम हो.”

कश्मीरियों की हालत से दुखी शर्मा ने उन्हें व्यक्तिगत तौर पर यह देखकर काफी दुख होता है कि कश्मीरी, खासकर युवाओं ने जो राह चुनी है, वह समाज को बर्बाद कर सकती है. उन्होंने कहा, ‘मैं जब कश्मीरियों, खासकर युवाओं को हिसा के रास्ते पर जाता देखता हूं, तो बहुत दुखी हो जाता हूं. कई बार भावुक भी हो जाता हूं. मैं इस हिसा का जल्द अंत चाहता हूं.

उन्होंने कहा कि कश्मीर के युवा जिस तरफ बढ़ रहे हैं, वह अतिवाद है और यह पूरी तरह से कश्मीरी समाज को बर्बाद कर देगा. ध्यान रहे खुफिया एजेंसी में वर्ष 2003 से 2005 तक, इस्लामिक आतंकवाद डेस्क का जिम्मा संभाल चुके भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी शर्मा को सोमवार को कश्मीर मे तीन दशकों तक चली हिंसा को खत्म करने के लिए वार्ताकार नियुक्त किया गया.

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