people offer funeral prayers for ghulam hassan wagay during his funeral at wohlutra village in north kashmir's baramulla district
People offer funeral prayers for Ghulam Hassan Wagay, a policeman who according to local media was killed in a militant attack in south Kashmir's Pulwama district on Monday night, during his funeral at Wohlutra village in north Kashmir's Baramulla district, June 12, 2018. REUTERS/Danish Ismail

जम्मू कश्मीर के पुलवामा और अनंतनाग जिलों में आतंकवादियों ने मंगलवार (12 जून, 2018) सुबह दो हमले किए जिनमें दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए। मृतकों की पहचान हेड कांस्टेबल गुलाम हसन और गुलाम रसूल लोन के रूप में की गई। दोनों ने रमजान के पाक महीने मे देश की हिफाजत करते हुए अपनी जानों की शहादत दी है।

बारामूला जिले में सैकड़ों की तादाद में लोग शहीद के जनाजे मे शरीक हुए। सिपाही गुलाम हसन वागे के जनाजे में सैंकड़ों की संख्या में पुरुष, महिलाएं और बच्चे अपने घरों से निकलकर पहुंचे। गुलाम को बारामूला के रफीबाद इलाके के उनके पैतृक वोलुत्र गांव में दफनाया गया।

बता दें कि आतंकी हमला उस वक्त हुआ जब घाटी में शब-ए-कद्र मनाई जा रही थी। इसी दौरान आतंकियों ने पुलवामा की जिला अदालत परिसर में सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस पार्टी पर हमला कर दिया।

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

राज्य की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, विपक्षी दल नेशनल कान्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला सहित तमाम नेताओं ने पुलिसर्किमयों की हत्या पर शोक जताया है। अब्दुल्ला ने ट्वीट किया, ‘आतंकी संगठन इस शांति पहल को नाकाम करने की पूरी कोशिश कर रहे हैं, ऐसे में जब संघर्ष विराम समाप्त हो जाएगा तब अगर सुरक्षा बल मजबूती से कार्रवाई करते हैं, तो उसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ आतंकवादी ही होंगे।’