Thursday, August 5, 2021

 

 

 

हाई कोर्ट ने येदियुरप्पा सरकार से पूछा – दूसरी जयंती मनाई जा रही तो टीपू जयंती पर ऐतराज क्यों?

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कर्नाटक हाई कोर्ट ने टीपू सुल्तान जयंती नहीं मनाने पर राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा को फटकार लगाई है. कोर्ट ने टीपू जयंती सरकारी खर्चे पर न मनाने के उनके फैसले पर पुनर्विचार करने का आदेश दिया. साथ ही हिदायत दी है कि फैसले ऐसे नहीं लिए जाने चाहिए कि वे एकतरफा लगें.

इस मामले पर सुनवाई करते हुए कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा, सरकार को टीपू सुल्‍तान की जयंती पर बैन लगाने के बारे में एक बार फिर से सोचना चाहिए. इस मामले में सरकार 3 जनवरी 2020 तक अपना जवाब दाखिल करे. इसके साथ ही हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश देते हुए कहा, जो लोग टीपू सुल्‍तान की जयंती राज्‍य में मना रहे हैं, सरकार को उनकी सुरक्षा के लिए कदम उठाने चाहिए.

मामले में सुनवाई के दौरान सरकार ने कहा, सरकार ने किसी भी व्‍यक्‍ति विशेष को 10 नवंबर को टीपू सुल्‍तान की जयंती मनाने से नहीं रोका है. लेकिन सरकार ने कहा कि वह पिछली सरकार की तरह टीपू की जयंती नहीं मनाएगी. बता दे कि सीएम येदियुरप्पा ने 30 जुलाई को कर्नाटक में टीपू जयंती सरकारी तौर पर मनाने पर रोक लगा दी थी.

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दरअसल बीजेपी विधायक एम अपाचू रंजन ने इसे लेकर बेसिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार को एक पत्र लिखा था. इसमें उन्होंने 18वीं सदी में मैसूर पर राज करने वाले शासक टीपू सुल्तान को कन्नड़ विरोधी करार दिया था.

उन्होंने लिखा, “इतिहास की किताबों में टीपू सुल्तान का महिमामंडन किया गया है. हमने किताबों में जो इतिहास पढ़ा है, वह पूरा नहीं है. ये पूरी तरह सत्य भी नहीं है. हमें सबसे पहले अब तक टीपू सुल्तान का जो महिमामंडन किया गया है, उसे रोकना होगा. टीपू सुल्तान कभी भी स्वतंत्रता के लिए नहीं लड़ा.”

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