नवंबर 2016 में यूपी के कानपुर में हुआ रेल हादसा एक आतंकी हमला था. जिसे पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI ने हिन्दू आतंकियों के दम पर अंजाम दिया. इस मामलें में  यूपी के आंतकरोधी दस्ते (ATS) ने बताया कि इस हमलें को 7 लोगों ने अंजाम दिया हैं. जिनमे से तीन गिरफ्तार किये जा चुके हैं.

ATS ने गुरुवार को कहा कि गिरफ्तार किये गये आरोपी में से मोतीलाल पासवान ने कबूल किया है कि एक 10 लीटर के प्रेशर कूकर को IED के रूप में तैयार किया गया था. उसे ट्रैक पर बिछाकर ब्लास्ट किया गया. जिससे इंदौर-पटना एक्सप्रेस कानपुर से 100 किमो दूर ट्रैक से उतर गई थी और 150 लोग मारे गए.

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बिहार के पूर्व चंपारन जिले से हत्या के मामले में गिरफ्तार किये गये मोती पासवान, उमा शंकर पटेल और मुकेश यादव से पूछताछ के दौरान पता चला कि इन तीनों ने स्वीकार किया कि ISI के कहने पर इन्होंने भारतीय रेलवे को निशाना बनाया.

एटीएस के अनुसार, मोतीलाल पासवान का दावा है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर 28 दिसंबर को कानपुर देहात में भी एक और दुर्घटना को अंजाम दिया था. इस ऑपरेशन में 7 लोग शामिल थे. और इसके मास्टरमाइंड का नाम बृज किशोर गिरी था जिसे हाल ही में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया था और इस वक्त वह अस्पताल में भर्ती है. एटीएस का कहना है कि वह बयान की पुष्टि कर रहे हैं.

एटीएस ने यह भी कहा है कि 25 लाख रुपये के खर्चे पर इस हादसे का अंजाम देने वाले शख्स का नाम शमशुल हुडा है जिसके ISI से लिंक हैं और वह दिल्ली में रहता है. उसी के कहने पर बृजकिशोर गिरी और बाकी के लोगों ने ट्रैक पर IED बिछाया था.

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