‘रज़वियात’ पर कंजुल ईमान फाउंडेशन करने जा रहा अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस

5:19 pm Published by:-Hindi News

101वें उर्स-ए-आलाहज़रत के मुबारक मौक़े पर कन्ज़ुल ईमान फाउंडेशन की जानिब से बरेली शरीफ में ‘रज़वियात के विषय पर एक दिवसीय द्वितीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस कांफ्रेंस में रज़वियात के विषय पर दुनिया के पहले शोध जरनल KAIJOR के पहले संस्करण का विमोचन किया जाएगा। जिसमे दुनिया भर के शोधकर्ताओं द्वारा लिखे गए शोध पत्रों को प्रकाशित किया जायेगा यह शोध पत्र आलाहज़रत के व्यक्तित्व, सेवाभाव तथा आपकी आधुनिक विज्ञान पर ज्ञान (मॉडर्न साइंस) आधारित होंगे । इस शोध जर्नल को उर्स-ए-आलाहज़रत के मौक़े से हर साल प्रकाशित किया जा रहा है।

पिछली साल की तरह इस साल भी कांफ्रेंस में प्रकाशित करने के लिए देश और विदेश की यूनिवर्सिटी से रिसर्च स्कॉलर्स, छात्र, पेशेवर और अकादमिक विद्वानो ने आन लाइन अपने शोध पत्र कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के रिसर्च डिवीज़न को भेजे है। अधोलिखित आयोजन 23 अक्टूबर 2019 सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक प्रथम तलदरगाह तहसीनिया कानकर टोला बरेली में आयोजित किया जाएगा ।

कन्ज़ुल ईमान फाउंडेशन के रिसर्च डिवीज़न के हेड और फाउंडेशन के वाइस प्रेसिडेंट लेक्चरर यासिर रज़ा क़ादरी ने ये भी जानकारी दी कि आला हज़रत पर शोध करने वाले तथा सभी इस्लामी रिसर्च स्कॉलर्स हमारी रिसर्च हेल्प डेस्क पर ईमेल द्वारा सहायता प्राप्त कर सकते हैं इस रिसर्च हेल्प डेस्क का उद्गाटन गत वर्ष उर्स ए रज़वी में किया जा चुका है। इस शोध पीठ के द्वारा दुनिया भर में आलाहज़रत के नज़रिए पर किए जा रहे शोध कार्यो में रिसर्च स्कॉलर्स को हर संभव मदद प्रदान की जा रही है । इसी के साथ-साथ आपने ये भी जानकारी दी के ये कांफ्रेंस आलाहज़रत पर एक बहुमुखी व बहुभाषी एकेडमिक सम्मलेन होगा जिसका पूरा ज़ोर आलाहज़रत पर शोध कार्यो को लेकर दिया जाएगा, जिसके शोध विषय निम्नलिखित हैं।

(1) रज़वियत: एक अन्तर्राष्ट्रीय दृष्टिकोण

(2) कुरानी अनुवाद कन्ज़ुल ईमान का अकादमिक छेत्र में योगदान

भाषा स्वीकृत: उर्दू, हिंदी, अंग्रेज़ी, अरबी, फ़ारसी

कंज़ुल ईमान फाउंडेशन बरेली शाखा के युवा अध्यक्ष श्री इंजीनियर वक़ार हुसैन ने बताया कि कंज़ुल ईमान फाउंडेशन देश के शिक्षित नौजवानो की एक नॉन प्रॉफिट नॉन पॉलिटिकल एजुकेशनल फाउंडेशन है जिसकी शुरुआत वर्ष 2006 में हज़रत तहसीन रज़ा खान मुहद्दिस बरेलवी अलैहिररह्मा की सरपरस्ती में एक लाइब्रेरी के रूप में हुई थी और आज मौजूदा वक़्त में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन की हिंदुस्तान के 14 शहरों में शाखाएं और यूनिट्स हैं जिनमें शिक्षा के प्रचार-प्रसार देने के लिए अधिकतर ब्रांच में एक लाइब्रेरी और एक कंप्यूटर लैब की सुविधा मौजूद है।

वर्तमान में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के संरक्षक और सरपरस्त हज़रत तहसीन रज़ा खान साहब अलैहिर्रहमा के साहबज़ादे हज़रत मौलाना हस्सान रज़ा खान साहब हैं। कंज़ुल ईमान फाउन्डेशन का मक़सद अल्प संख्यक वर्ग के बीच आलाहज़रत द्वारा दिए 10 मूल उपदेशो की रोशनी में शिक्षा को आम करना और सामाजिक कार्यो में बढ़-चढ़ के हिस्सा लेना है। इसी के साथ साथ आपने ये भी जानकारी दी की कंज़ुल ईमान फाउंडेशन के मेंबर्स की तादाद तकरीबन 1000 से ज़्यादा है जो हिंदुस्तान के अलग अलग शहरों से कंज़ुल ईमान के शिक्षा और समाज सेवा के कार्यो में सहयोग देते हैं। कंज़ुल ईमान के कार्यो की जानकारी फाउन्डेशन की वेबसाइट kanzuliman.org से ली जा सकती।

इस सम्मेलन का संचालन क़ाज़ी शहीद आलम साहब की निगरानी में किया जा रहा है। सम्मलेन में ख़ानक़ाह तहसीनिया के सज्जादा नशीन मौलाना हस्सान रज़ा खान साहब मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे हैं। इसी के साथ साथ इस कांफ्रेंस को सफल बनाने के लिए विभिन्न शहरों में इस्थित कंज़ुल ईमान फाउंडेशन की शाखाओ के प्रमुख भी उर्स-ए-आलाहज़रत के मौक़े पर मुख्य रूप से बरेली शरीफ आ रहे हैं। इस सूची में कंज़ुल ईमान फाउंडेशन की कर्नाटक शाखा के प्रमुख श्री शम्स तबरेज़ साहब की कार्य समीति के लोग उपस्थित रहेंगे साथ ही साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड, राजस्थान, अलीगढ़, नार्थ ईस्ट, आदि राज्यों से लोगो के आने की संभावना है। बरेली शाखा से फैमी तहसीनी, आकिब रज़ा, अलीबुल इस्लाम, तौहीद, आफताब अहमद इत्यादि लोग सम्मेलन का मुख्य रूप से हिस्सा रहेंगे। इंशाअल्लाह।

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