चेन्नई | फिल्म जगत के दिग्गज अभिनेता कमल हसन आजकल चर्चा में बने हुए है. इसकी वजह उनकी कोई फिल्म नही बल्कि उनकी राजनितिक महत्वकांशा है. कमल हसन जल्द ही एक नए राजनितिक दल का गठन कर सकते है. हालाँकि आम आदमी पार्टी और केरल की कम्युनिस्ट पार्टी से भी उनकी बात चल रही है. लेकिन उनके हालिया बयानों से यह स्पष्ट है की वो बीजेपी में जाने की बिलकुल भी इच्छुक नही है.

हाल ही में उन्होंने मोदी सरकार की कई बार आलोचना की है. वो केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों से सहमत नही है. इसलिए नोट बंदी और जीएसटी को वो एक गलत कदम करार दे चुके है. हालाँकि नोट बंदी के समय उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की थी. लेकिन इसके परिणाम सामने आने के बाद उन्होंने इसे बेहद गलत कदम करार दिया. इन सबके बीच उन्होंने हिन्दू आतंकवाद पर एक बयान देकर नई बहस को जन्म दे दिया.

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कमल हसन ने आरोप लगाया की हिन्दू कट्टरपंथी आतंकवाद में शामिल है. उनका कहना है की पहले वो बातचीत में यकीन करते थे लेकिन अब वो हिंसा में शामिल है. उनका यह बयान देश में नया सियासी घमासान मचा सकता है. इसकी शुरुआत भी हो चुकी है. बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने कमल हसन के बयान की निंदा करते हुए उनको नैतिक तौर पर भ्रष्टाचारी करार दिया. उन्होंने कहा की अभी तक हिन्दू आतंकवाद के कोई सबूत नही मिले है.

दरअसल कमल हसन ने तमिल साप्ताहिक पत्रिका ‘आनंदा विकटन’ में लिखे एक लेख के जरिये हिन्दू कट्टरपंथियों पर आतंकवाद में शामिल होने के आरोप लगाये. उन्होंने लिखा की कोई नहीं कह सकता कि हिंदू आतंकवाद का वजूद नहीं है. हिंदू कट्टरपंथी पहले बातचीत में यकीन रखते थे लेकिन अब हिंसा में शामिल है. लोगों की सत्यमेव जयते में आस्था खत्म हो चुकी है. राइट विंग ने अब मसल पावर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. हिंदू कैंपों में आतंकवाद घुस चुका है.