कोलकाता | मंगलवार को पश्चिम बंगाल की CID टीम ने बच्चा तस्करी केस में बीजेपी नेता जूही चौधरी को गिरफतार कर लिया. उनकी गिरफ्तारी से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हंगामा मच गया. बीजेपी नेताओ ने जूही चौधरी की गिरफ़्तारी को राजनीती से प्रेरित बताया. लेकिन सबसे चौकाने वाला खुलासा तब हुआ जब इस मामले में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजवार्गीय और बीजेपी संसद रूपा गांगुली का नाम सामने आया.

मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल पुलिस के अपराधिक जांच विभाग ने दावा किया है की इस मामले में बीजेपी के दोनों नेताओ से पूछताछ हो सकती है. पुलिस के अनुसार फ़िलहाल हम जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहे है की इस मामले में दोनों नेताओ की क्या भूमिका है. फिलहाल सबूत जुटाए जा रहे है. इसलिए दोनों नेताओ से पूछताछ की गुंजाइश से इनकार नही किया जा सकता.

उधर कैलाश विजयवर्गीय और रूपा गांगुली का नाम बच्चा तस्करी मामले में आने से बीजेपी में ही हडकंप मचा हुआ है. विपक्षी दल लगातार बीजेपी पर हमला कर रहे है. बीजेपी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा की सब राजनितिक से प्रेरित है. ममता बनर्जी बदले की सियासत कर रही है. वह रोज वैली और शारदा चिट फंड केस का बदला ले रही है.

हालाँकि CID की तरफ से इस बात का खंडन किया गया है. दरअसल पिछले साल चन्दन चक्रवर्ती के एक NGO के लाइसेंस को रिन्यू कराने के लिए जूही चौधरी कैलाश विजवार्गीय के जरीय रूपा गांगुली से मिली थी. इसकी CCTV फुटेज CID के पास है. जूही को इस एवज में नॉर्थ बंगाल में रिजॉर्ट देने का वादा किया गया था. चन्दन चक्रवर्ती के NGO से ही 17 बच्चो को विदेश में बेचा गया था.

CID के अडिशनल DGP के अनुसार फ़िलहाल हम मामले की जांच कर रहे है और सबूत जुटा रहे है. हम प्रभावशाली लोगो की भी मामले में संलिप्ता की जांच कर रहे है. सही समय आने पर उचित कार्यवाही की जायेगी. मालूम हो की जूही चौधरी, बंगाल बीजेपी महिला मोर्चा की महासचिव रह चुकी है.


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