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पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने हाल ही में सूर्य नमस्कार करते हुए ट्विटर पर एक तस्वीर शेयर की थी. उन्होंने तस्वीर के साथ लिखा था कि ‘सूर्य नमस्कार आपके शरीर के लिए पूरा वर्कआउट है, जो बिना किसी उपकरण के पूर्ण व्यायाम है.’

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कैफ की इस ट्वीट पर कुछ मुस्लिम यूजर ने उन्हें सूर्य नमस्कार को इस्लाम धर्म के खिलाफ बताते हुए न करने की सलाह दी थी. जिसके जवाब में कैफ ने कहा, ‘इन सभी चारों फोटों में मेरे दिल में अल्लाह है. समझ नहीं सकता कि कोई व्यायाम, सूर्य नमस्कार या जिम करने से धर्म का क्या लेना देना है. इससे सभी को फायदा होता है.

अब इसी मामलें को लेकर दारुल उलूम ने कहा कि कैफ का सूर्य नमस्कार करना मजहब के खिलाफ हैं. मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि दारुल उलूम सूर्य नमस्कार को लेकर पहले ही फतवा जारी कर चुका है. अगर कैफ इसे कसरत मानकर कर रहे हैं तो भी यह गलत है. उन्हें अपनी गलती को सुधारना चाहिए. क्योंकि तंदुरुस्त रहने के लिए और भी कसरतें हैं.

वहीँ दारुल उलूम जिकरिया के उस्ताद और फतवा ऑनलाइन के चेयरमैन मौलाना अरशद फारुकी ने इस बारें में कहा कि  सूर्य नमस्कार में बहुत सारी क्रियाएं सूरज के सामने हाथ जोड़ने और सिर झुकाने जैसी हैं जो मजहब के खिलाफ हैं. उन्होंने आगे कहा कि कैफ को इसके लिए तौबा करनी चाहिए और शरीयत की खिलाफवर्जी (विरोध) नहीं करना चाहिए.

दारुल उलूम वक्फ के शेखुल हदीस मौलाना अहमद खिजर शाह मसूदी ने कहा कि जिन चीजों पर शरीयत को एतराज है, उन्हीं चीजों को कुछ लोग हवा देकर खुद को प्रचारित करना चाहते हैं.

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