गत जून में ईद की शोपिंग कर अपने घर लौट रहे हरियाणा स्थित बल्लभगढ़ के रहने वाले 16 वर्षीय जुनैद की पीट-पीट कर हत्या के मामले में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने परिजनों की सीबीआई जांच की मांग की याचिका को ख़ारिज कर दिया है.

ऐसे में अब जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने कहा कि वह अब सुप्रीम कोर्ट से CBI जांच की मांग करेंगे. ध्यान रहे जुनैद के परिवार ने पिछले महीने अदालत में याचिका दायर कर मामले की आगे की जांच सीबीआई से करवाने की मांग की थी. जिसे हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है.

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कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि मामले में पुलिस जांच सही थी. साथ ही सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता यह दिखाने में सक्षम नहीं रहे हैं कि जांच में कोई गंभीर कमी है, जिससे यह निष्कर्ष निकले कि जांच लचर है या दागदार है. इसके अलावा इस बात को दर्शाने के लिए कुछ भी नहीं है कि घटना का कोई राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रभाव है. इसलिए, यह सीबीआई को जांच सौंपने के लिए असाधारण शक्ति का इस्तेमाल करने का उपयुक्त मामला नहीं है.

इसी बीच इस मामले में सोमवार को सेक्टर-12 स्थित अडिशनल सेशन जज वाई.एस. राठौर की अदालत में सुनवाई हुई. लगातार 3 तीन दिन चलने वाली सुनवाई के दौरान सोमवार को जुनैद के चाचा शेर मोहम्मद उर्फ शेरू के बयान दर्ज हुए. अब मंगलवार को कोर्ट में पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की गवाही होगी.

इसी के साथ जुनैद के पिता जलालुद्दीन ने कहा कि अब तक सीएम की ओर से घोषित 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि उन्हें नहीं मिली है. अभी तक उनके एक बेटे को नौकरी मिली है. प्रदेश सरकार दूसरी नौकरी डीसी रेट पर देना चाहती है. जलालुद्दीन ने कहा कि नौकरी देनी है तो परमानेंट दो, डीसी रेट की नौकरी नहीं चाहिए. उन्होंने कहा कि पुलिस ने जुनैद हत्या मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया था जिनमें चार लोगों को जमानत मिल चुकी है. ऐसा पुलिस की और कमजोर धाराएं लगाने के कारण हुआ.