Wednesday, January 26, 2022

UPSC Result: जुनैद के 12th में थे 60 फीसदी मार्क्स, पांचवें प्रयास में आई तीसरी रैंक

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यूपीएससी (संघ लोक सेवा आयोग) की परीक्षा में देश भर में तीसरे स्थान पर टॉप करने वाले जुनैद अहमद ने एक बार फिर से साबित किया है कि मेहनत का न तो कोई शॉर्टकट होता है और न ही कोई विकल्प और प्रतिभा अंकों की मोहताज नहीं होती है। उन्होंने पांचवें प्रयास में यह मुकाम हासिल किया है। इससे पहले वर्ष 2017 में उनकी 352वीं रैंक आई थी। इसके बाद वह इंडियन रेवेन्यू सर्विस (आइआरएस) में शामिल हो गए थे। तब से वह इसी में ही प्रशिक्षण ले रहे हैं।

जुनैद बताते हैं कि एक मध्यमवर्गीय मुस्लमि परिवार का हूं। नगीना कस्बे में मेरी परवरिश हुई। शुरू से पढ़ाई में भी औसत छात्र ही रहा। दसवीं और 12वीं की परीक्षा में मेरे 60 फीसदी  नंबर आए थे। 12वीं के बाद स्नातक की पढ़ाई प्राइवेट विश्वविद्यालय से की। इसमें भी मेरे 65 फीसदी तक ही नंबर आए थे। कॉलेज से निकलकर सेाचा कि अगर समाज को कुछ देना हो तो आइएएस से बेहतर कुछ नहीं होता।

जब घरवालों को बताया उन्हें इकबारगी यकीन नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इरादा तो बहुत अच्छा है लेकिन तुम पढ़ते नहीं हो। लेकिन मैंने उसके बाद खुद को पढ़ाई में ही झोंक दिया। वर्ष 2013 से तैयारी शुरू की तो घरवाले भी मेरी लगन देखकर मेरा सहयोग करने  लगे। पिछले चार साल से तैयारी कर रहा हूं। बीते साल 2018 में मेरा आईआरएस में चयन हो गया था।

27 साल के जुनैद कहते हैं कि मैं खानदान में पहला आईएएस बना हूं। मेरे पिता जावेद हुसैन जो पेशे से वकील हैं और मां आयश रजा आज मेरी कामयाबी का जश्न मना रहे हैं। मैं उन्हें देखकर बहुत खुश हूं, लग रहा है कि मेरा ख्वाब पूरा हो गया है। मेरी दो बहनें एक बड़ी महविश की शादी हो गई है और छोटी बहन हादिया प्राइवेट जॉब कर रही हैं। देानों ही बहनें मुझ पर गर्व कर रही हैं। छोटा भाई अरहान 12वीं में है, वो भी नगीना में पढ़ता है।

शुरुआत आठ घंटे से, सफलता चार घंटों की मेहनत से मिली

जुनैद के मुताबिक, सिविल सर्विसेज की तैयारी की शुरुआत में आठ से 10 घंटे लगातार पढ़ाई करते थे। बेसिक समझ में आने के बाद तैयारी का समय घटकर चार घंटों तक सिमट गया। मेरा मानना है कि घंटों से पढ़ाई नहीं होती। जो भी पढ़ें, ध्यान लगाकर तैयारी करें तो सफलता अवश्य मिलेगी।

जामिया रेजीडेंशियल अकादमी से ली कोचिंग

जुुनैद अहमद ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्थित जामिया रेजीडेंशियल कोचिंग अकादमी से कोचिंग ली। जामिया की कोचिंग अकादमी मुफ्त में सिविल सर्विसेज के छात्रों को तैयारी करवाती है। इसमें रहना, खाना समेत कोचिंग मुफ्त होती है।

इस परीक्षा के लिए कुल 10,65,552 उम्मीदवारों ने आवेदन सौंपा था। इनमें से कुल 4,93,972 ही परीक्षा में शामिल हुए। लिखित (मुख्य) परीक्षा के लिए कुल 10,468 उम्मीदवार सफल हुए थे। यह परीक्षा सितंबर-अक्टूबर 2018 में ली गई थी। व्यक्तित्व जांच के लिए कुल 1994 उम्मीदवार चुने गए थे।

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