jagr

jagrदेश के अल्प्संख्यक मुस्लिम समुदाय के खिलाफ विवादस्पद बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाली ज़ी न्यूज़ की पूर्व महिला एंकर जागृति शुक्ला ने उत्तरप्रदेश के कासगंज में हुई हिंसा को भडकाने की कोशिश की है. उन्होंने एक समुदाय को हिंसा के लिए खुलेआम उकसाया.

शुक्‍ला ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि ”उन्‍होंने हमें ट्रेन में मारा, हमारे विमान लूटे, होटल में हमें बंधक बनाया, हमें कश्‍मीर से भागने पर मजबूर किया और अब गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने के लिए मार रहे हैं. सच ये है कि हम डर में रहते हैं, वो नहीं. अब और नहीं. हमेशा घातक हथियार साथ में रखिए. उन्‍हें मार दीजिए, इससे पहले वो हमें मार दें.”

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

इस ट्वीट को लेकर जागृति के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठने लगी है. वरिष्ट पत्रकारों सहित कई बुद्धिजीवियों ने दिल्ली पुलिस को ट्वीट कर जागृति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

ब्‍लॉगर रिचा सिंह ने लिखा है, ”अभी भी जागृति शुक्‍ला के ट्वीट से उबर नहीं सकी हूं. उन्‍हें इतनी हिम्‍मत कहां से मिलती है? क्‍या यह एक तथ्‍य है कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी क्‍योंक‍ि वर्तमान सरकार इन्‍हीं सांप्रदायिक भावनाओं पर आगे बढ़ती है.”