Saturday, May 15, 2021

JNU के फर्जी विडियो मामले में HRD मिनिस्टर स्मृति ईरानी की करीबी निशाने पर

- Advertisement -

JNU में कथित देश विरोधी नारों वाले विडियो के मामले में HRD मिनिस्टर स्मृति ईरानी की करीबी सहयोगी शिल्पी तिवारी की भूमिका निशाने पर आ गई है। दिल्ली सरकार की फॉरेंसिक रिपोर्ट के मुताबिक JNU मामले से जुड़े कथित डॉक्टर्ड विडियो में से एक को शिल्पी के ट्विटर अकाउंट पर होस्ट किया गया था। रिपोर्ट में कम से कम तीन विडियो को संदिग्ध बताया गया है और उनमें से एक Q2 का संबंध तिवारी से बताया गया है।

इकनॉमिक टाइम्स के एक्सेस वाली रिपोर्ट के मुताबिक, Q1 और Q2 रिकॉर्डिंग में लिप सिंक में फर्क नजर आया है। इससे पता चलता है कि ऑडियो स्ट्रीम ऑरिजनल रिकॉर्डेड विडियो का हिस्सा नहीं है। इसलिए विडियो में जो बातचीत सुनाई दे रही है, प्रामाणिक नहीं है और वह कहने वालों की असल स्पीच से मेल नहीं खाती।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि Q2 रिकॉर्डिंग का संबंध शिल्पी तिवारी के सोशल मीडिया ट्विटर वाले यूजर अकाउंट से है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसलिए यह नतीजा निकाला जाता है कि Q1 और Q2 रिकॉर्डिंग प्रामाणिक ऑडियो और विडियो स्ट्रीम नहीं हैं। ये अलग अलग सोर्स से लिए गए हैं, जिनको इस मकसद से एक-दूसरे में मिला दिया गया है कि ये रिकॉर्डिंग असल कार्यक्रम की नजर आएं।

ट्रुथ लैब्स ने फॉरेंसिक ऑडियो विडियो प्रामाणिकता का पता लगाया है। इसके लिए दिल्ली सरकार ने उसको डीएम की अगुवाई में जारी मामले की जांच के तहत 18 फरवरी को पांच विडियो और 22 जनवरी को दो विडियो दिए थे। असल में रिपोर्ट में एक और विडियो Q5 पर सवाल खड़ा किया है। उसके बारे में कहा गया है कि उससे घटना की सही और पूरी तस्वीर नहीं साफ होती।

HRD मिनिस्ट्री ने इस मामले में सवाल पूछे जाने पर शिल्पी से खुद को अलग कर लिया है, लेकिन उसने यह भी कहा कि मुमकिन है कि शिल्पी निजी तौर पर ईरानी को सहयोग दे रही होंगी। HRD मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन ने बताया, ‘निजी तौर पर वह HRD मिनिस्टर से संबद्ध होंगी, लेकिन उनके पास कोई ऑफिशल असाइनमेंट नहीं है। मिनिस्ट्री ने उनको पहले एक पोजिशन ऑफर की थी लेकिन उन्होंने ऑफर की गई पोजिशन/अपॉइंटमेंट को स्वीकार नहीं किया था।’

इस मामले में ज्यादा जानकारी के लिए शिल्पी से संपर्क किया गया लेकिन उन्होंने कोई रेस्पॉन्स नहीं दिया है। उनको कई बार कॉल किया गया और मेसेज भी भेजा गया था। Q1 यूट्यूब पर चल रहे 38 सेकंड के उस एक्सक्लूसिव विडियो का टाइटल है जिसमें JNU स्टूडेंट्स यूनियन के प्रेजिडेंट कन्हैया कुमार को राष्ट्र विरोधी नारे लगाते विडियो शूट किए जाने का दावा किया गया है। इसके अलावा डिस्टर्बेंस के चलते 23 सेकेंड के दूसरे विडियो Q2 का कंटेंट साफ नहीं है। (नवभारत टाइम्स)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Hot Topics

Related Articles