JNU ROW: जमानत के बाद उमर खालिद ने कहा- अगर आप मुसलमान हैं तो जेल में भर दिया जाएगा

1:44 pm Published by:-Hindi News

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को शुक्रवार को ही 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है।

तिहाड़ जेल से बाहर आने के बाद जेएनयू के छात्र उमर खालिद ने आज कहा कि उन्हें जेल जाने का कोई पछतावा नही है और इस कथित मामले में गिरफ्तार होने का मुझे गर्व है। राजद्रोह के एक मामलें में उन्हें जेल हुई थी। उन्होंने कहा, ‘इस विशेष मामले में जेल जाने का हमें कोई पछतावा नहीं है। हमें वास्तव में इस बात को लेकर गर्व है कि हमें राजद्रोह के मामले में गिरफ्तार किया गया, एक कानून जिसके तहत अरुंधति रॉय और बिनायक सेन जैसे लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।’ उमर ने कहा कि अगर आप दलित हैं और रणवीर सेना से लड़ते हैं तो आपको जेल में डाल दिया जाएगा और अगर आप मुसलमान हैं तो यही आपकी खता है, आपको जेल में भर दिया जाएगा।

विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों के बीच उन्होंने कहा, ‘हमारा नाम उन लोगों की सूची में शामिल हो गया जिन्हें अपनी आवाज उठाने के कारण जेल जाना पड़ा है।’ उमर खालिद ने शुक्रवार रात जेएनयू कैंपस में कहा कि अगर RSS और सरकार को लग रहा है कि हम लोगों पर दमन करके हमारे आंदोलन को तोड़ सकते हैं तो वे मुगालते हैं।

खालिद ने कहा कि हमने सैनिकों पर नहीं, यहां की सरकारों पर सवाल उठाया है। मेरे साथ जेल में काफी कुछ हुआ। मैं बेल कन्डीशन की वजह से सब कुछ शेयर नहीं कर सकता। मेरे साथ मीडिया ट्रायल हुआ। हमें जेल में मारा नहीं गया बस, लेकिन गालियां और धमकियां दी गईं।

उमर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जनता विरोधी, किसान विरोधी सरकार है, दलित विरोधी, मजदूर विरोधी हैं। अगर आप आवाज उठाएंगे तो वह जेल में डाल देगी और अगर आप मुसलमान हैं, तो वैसे ही जेल में डाले देगी। उन्‍होंने कहा कि क्रिमिनल वो है जो पॉवर में है। जेल में तो मजबूर लोग हैं। उमर ने सरकार विरोधी नारे लगाते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हम पर देशद्रोह का मुकदमा लगा, क्योंकि देश के लिए लड़ने वालों के खिलाफ भी यही धारा लगी थी। हमारा विद्रोह जारी रहेगा।

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उमर खालिद और अनिर्बान भट्टाचार्य को शुक्रवार को ही 6 महीने की अंतरिम जमानत दी है। कोर्ट ने दोनों को 25 25 हजार के मुचलके पर जमानत दी है। जमानत की अवधि में दोनों के दिल्ली छोड़ने पर रोक रहेगी। दोनों की गिरफ्तारी जेएनयू में देशविरोधी नारों के मामले में हुई थी। (Jansatta)

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