झारखंड एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए कथित वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा के खूंखार आतंकी मौलाना कलीमुद्दीन मुजाहिरी को झारखंड हाई कोर्ट ने यह कहकर जमानत दे दी है कि मौलाना कलीमुद्दीन का अलकायदा से रिश्तों का कोई सबूत नहीं है।

लाइव लॉं के अनुसार, न्यायमूर्ति कैलाश प्रसाद देव की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा, “अल-कायदा संगठन की किसी भी गतिविधि में याचिकाकर्ता की भागीदारी के संबंध में कोई भी सामग्री एकत्र नहीं की गई है और न ही जांच अधिकारी ने किसी भी ऐसे संगठन द्वारा याचिकाकर्ता को दिए गए धन के संबंध में कोई भी सामग्री एकत्र की है, जो गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल था।”

कोर्ट ने जमानत देते हुए कहा, ‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता एक मौलाना है, जिसका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है, यह अदालत याचिकाकर्ता को जमानत देने की इच्छुक है।”

कोर्ट ने आगे कहा, ”इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि याचिकाकर्ता एक मौलाना है, जिसका कोई पुराना आपराधिक रिकार्ड नहीं है, यह न्यायालय याचिकाकर्ता को जमानत देने का इच्छुक है। याचिकाकर्ता को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के लिए 25,000 रुपये – (पच्चीस हजार रुपए) के बेल बांड व दो जमानतदार पेश करने की शर्त पर बिष्टुपुर पीएस केस नंबर 21/2016 व जीआर नंबर 246/2016 के संबंध में जमानत पर रिहा कर दिया जाए।”

बता दें मोहम्मद कलीमउद्दीन मुजाहिरी को एटीएस टीम द्वारा जमशेदपुर रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया था। कलीमुद्दीन का पैतृक आवास रांगामटिया तमाड़ में है।

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