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बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या में सबसे अहम माने जा रहे फौजी जितेंद्र उर्फ जीतू को नोएडा एसटीएफ ने शुक्रवार को जम्मू पहुंचकर अपनी गिरफ्त में ले लिया। एसटीएफ उसे देर रात हवाई जहाज से लेकर दिल्ली पहुंच गई। उससे पूछताछ चल रही है।

सेना ने इस बाबत एक बयान जारी कर बताया कि आरोपी सैनिक की गिरफ्तारी के लिए यूपी पुलिस ने सेना के उत्तरी कमान से मदद मांगी गई थी और हमने पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है। वहीं दूसरी और जीतू की मां ने कहा कि घटना के दिन उनका बेटा जीतू तो गांव में मौजूद नहीं था। अगर जीतू दोषी पाया जाता है तो वह खुद उसे गोली मार देंगी।

दरअसल, बवाल को लेकर 2.48 मिनट का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक को इंस्पेक्टर की लाश के पास से कुछ उठाते हुए दिखाया गया है। इसी युवक पर इंस्पेक्टर को गोली मारने का भी संदेह अधिकारियों को है। इस युवक की शिनाख्त महाव गांव के जीतू फौजी के रूप में होने का दावा किया जा रहा है। वह कारगिल में तैनात है। हिंसा के अगले ही दिन उसने जम्मू पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन की है। इससे शक और ज्यादा गहरा गया है।

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इस बाबत मेरठ जोन के आईजी राम कुमार ने NEWS18 को बताया कि गांव वालों के बयान के आधार पर पता चला कि जीतू फौजी ने ही कथित रूप से इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को गोली मारी थी। कुमार ने बताया कि जीतू वहां महाव गांव का रहने वाला था और उससे पूछताछ के बाद ही पुलिस अधिकारी की हत्या में उसकी भूमिका स्पष्ट हो पाएगी।

हालांकि जीतेंद्र मलिक ने अपनी यूनिट से बताया, ‘मैं एफआईआर दर्ज करवाने के लिए 30 अन्य लोगों के साथ पुलिस स्टेशन गया था। लेकिन मार पिटाई शुरू हो गई और भाग गया। मैं उस जगह मौजूद नहीं था, जहां पुलिस इंस्पेक्टर को गोली मारी गई।’

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