चेन्नई | तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का दिल का दौरा पड़ने से सोमवार को निधन हो गया. जयललिता के निधन से एक दिन पहले कुछ ऐसी घटनाये हुई जो इस बात की और इशारा करती है की जयललिता का निधन रविवार को ही हो गया. हालांकि अधिकारिक तौर पर जयललिता को सोमवार के दिन मृत घोषित किया गया.

रविवार 4 दिसम्बर की रात जयललिता को दिल का दौरा पड़ा. अपोलो अस्पताल की और से जारी बयान में कहा गया की जयललिता को कार्डियक अरेस्ट आया था जिसके बाद उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया. जैसे ही यह खबर मिली की जयललिता की हालत गंभीर है, सोमवार को सभी स्कूल , कॉलेज बंद करने का आदेश दे दिया , अपोलो अस्पताल के बाहर भारी सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए. यही नही पुरे प्रदेश से जयललिता के समर्थक अस्पताल के सामने इकठ्ठा होने लगे.

सरकारी सूत्रों के अनुसार जयललिता के अंतिम संस्कार की तैयारिया एक दिन पहले ही शुरू कर दी गयी थी. जयललिता के निधन की अधिकारिक घोषणा सोमवार रात को हुई लेकिन AIADMK ने सोमवार सुबह ही ताबूत बनाने वाली कंपनी को एक ताबूत बनाने का आर्डर दे दिए . यही नही जहाँ जयललिता के शव को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया वहां की साफ़ सफाई के आदेश भी सोमवार सुबह ही दिए गए. मालूम हो की राजा जी हॉल में जयललिता के शव को रखा गया था.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की खबर के अनुसार ये घटनाये इस और इशारा करती है की जयललिता का निधन एक दिन पहले हो चूका था. शायद प्रशासन को डर था की अगर इसकी घोषणा तुरंत कर दी गयी तो प्रदेश इ दंगे भड़क सकते है. अख़बार के अनुसार एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया की जयललिता की हालत बहुत नाजुक बनी हुई थी , वो लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थी. इसके बाद वो कुछ देर ही जिन्दा रह पायी.


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