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चेन्नई | तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता को कल आये हार्ट अटैक ने पुरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है. लोग उनके ठीक होने के लिए दुआंए कर रहे है. जिस अस्पताल में वो भर्ती है उसके बाहर उनके हजारो समर्थक जमा है. जयललिता की बिगडती हालत के बीच, राज्य के हालात भी बिगड़ने का अंदेशा है. इसी वजह से अपोलो अस्पताल के बाहर और पुरे शहर में जबरदस्त सुरक्षा के इंतजाम किये गए है.

जयललिता की रहस्यमय बीमारी के बीच खबर आई है की उनका इलाज कर रहे डॉक्टर और नर्सो को किसी से भी बात करने की मनाही है. यहाँ तक की नर्सो के फोन तक ले लिए गए है. उनके कमरे में जाने की इजाजत केवल पांच लोगो को है. उनकी बीमारी को कितना गोपनीय रखा गया है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है की अस्पताल के डॉक्टर और नर्सो के फोन सर्विलांस पर लगाए गए है.

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जयललिता पिछले 73 दिन से हॉस्पिटल में भर्ती है. 22 सितम्बर को अपोलो अस्पताल सूचना आई की मुख्यमंत्री आवास एम्बुलेंस भेज दीजिये. उस समय यह नही बताया गया की मरीज कौन है. जब एम्बुलेंस सीएम् आवास पहुंची तो पता लगा की जयललिता बेहोश हो गयी. इसके बाद उन्हें आईसीयु में भर्ती किया गया. अक्टूबर में खबर मिली की वो वेंटिलेटर पर है. हालाँकि डॉक्टर्स कहते रहे की उनकी हालत में सुधार है.

उधर दैनिक भास्कर की एक रिपोर्टर जब अपोलो अस्पताल पहुंची तो उन्होंने बताया की कोई भी डॉक्टर कुछ भी बोलने के लिए तैयार नही है. एक डॉक्टर ने तो यहाँ तक कहा की उनकी जान और नौकरी दोनों खतरे में है. जो डॉक्टर उनका इलाज कर रहे है वो अस्पताल के आईसीयु के पास बने वार्ड में ही रह रहे है. यहाँ तक की उनकी बीमारी की डिटेल अपोलो अस्पताल से निकालने के जुर्म में अब तक चार कर्मचारी निलंबित हो चुके है.

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