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झारखंड के रामगढ़ में कथित गौरक्षा के नाम पर पीट-पीट कर की गई अलीमुद्दीन अंसारी के हत्यारों का महिमामंडन करने के मामले मे केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने बुधवार को खेद व्यक्त किया है.

न्यूज़ एजेंसी ANI के मुताबिक, जयंत सिन्हा ने कहा ‘मैंने पहले भी कहा था कि कानून अपना काम करेगा। दोषियों को दंडित किया जाएगा और निर्दोष लोगों को बचाया जाएगा। यदि उन लोगों (रामगढ़ लिंचिंग के आरोपी) को माला पहनाने से यह संदेश जाता है कि मैं उनके किए का समर्थन करता हूं तो मैं खेद व्यक्त करता हूं।’

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बता दे कि 29 जून को अलीमुद्दीन हत्याकांड में फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से उम्रकैद की सजा पाए आठ लोगों को हाई कोर्ट से जमानत मिली थी। जिसके बाद सिन्हा आरोपियों को हजारीबाग की जय प्रकाश नारायण सेंट्रल जेल लेने पहुंचे थे। इस दौरान जयंत ने हत्यारों को न केवल फूलमालाएं और मिठाई दीं, बल्कि ऊपरी अदालत में उनका केस लड़ने का भी आश्वासन दिया।

इस पूरे मामले मे उनका तीखा विरोध हुआ। विपक्ष ने उनके इस्तीफे की मांग करते हुए उनके इस कृत्य को पद को कलंकित करने के तौर पर बताया। काँग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने तो उनके हार्वर्ड अलम्नाइ स्टेटस वापस लेने वाले अभियान को अपना समर्थन दिया।

राहुल ने मंगलवार को ट्वीट किया, ‘अगर उच्च शिक्षित सांसद और केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा द्वारा एक निर्दोष व्यक्ति को पीट-पीट कर मार डालने की घटना में दोषी ठहराए गए अपराधियों को माला पहनाने की घटना आपको घृणा से भर देती है तो इस लिंक पर क्लिक करें और याचिका का समर्थन करें।’

गौरतलब है कि हार्वर्ड के एक पूर्व छात्र की ओर से इस ऑनलाइन याचिका की शुरुआत की गई है, जिसमें मांग की गई है कि जयंत सिन्हा से पूर्व छात्र का दर्जा वापस लिया जाए। हार्वर्ड विश्वविद्यालय से 2018 में स्नातक पास प्रतीक कंवल ने कहा कि बीजेपी सांसद के कृत्य ने ‘पूरे देश को स्तब्ध कर दिया और हमारे महान संस्थान को बदनाम किया।’