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सोशल मीडिया ऐप व्हाट्सऐप के माध्यम से गलत सूचना फैलाने से रोकने के लिए किश्तवाड़ जिला प्रशासन ने वॉट्सऐप ग्रुप और फेसबुक चलाने वालों से पहले अपनी पृष्ठभूमि की पुलिस से जांच कराने और उसे चलाना जारी रखने के लिए 10 दिन के भीतर अनुमति मांगने को कहा है. वैसे आपको बता दें कि किश्तवाड़ के पुलिस अधीक्षक अबरार चौधरी द्वारा 22 जून को भेजी गई एक रिपोर्ट के बाद जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) अंग्रेज सिंह राणा यह आदेश जारी किया है.

पुलिस रिपोर्ट में कहा गया था कि जिले में अफवाह फैलाने के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल हो रहा है. जो की बिलकुल गलत है. जिला प्रशासन ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि वे अधिकारियों को शपथ पत्र देकर कहें कि उनके सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म पर अपलोड सामग्री के लिए वह व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और इस तरह की सामग्री से कानून के संभावित उल्लंघन की स्थिति में कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए उन्हें तैयार रहना होगा.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह आदेश जिला विकास आयुक्त (डीडीसी) अंग्रेज सिंह राणा ने शुक्रवार को जारी किया. इस आदेश में आगाह किया गया है कि ऐसे लोगों के खिलाफ आतंकवाद रोधी कानून, गैर कानूनी गतिविधि (निरोधक) अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, रणबीर दंड संहिता और साइबर अपराध कानूनों के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है.

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आपको बता दें कि, एसएसपी द्वारा लिखे गए पत्र में कहा गया था कि जिले में समाचार समूह समेत बड़ी संख्या में वॉट्सऐप समूह चल रहे हैं और अक्सर पाया गया है कि विडियो, ऑडियो और लिखित सामग्री के रूप में अफवाह, गलत सूचना और अपुष्ट या आधी-अधूरी सूचना के रूप में का प्रसार किया जा रहा है और इससे कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होने लगती है.

वहीँ एसएसपी ने कहा कि जिले में किसी भी अप्रिय घटना या कानून व्यवस्था की समस्या पैदा होने से रोकने के लिये वॉट्सऐप न्यूज या अन्य समूह और फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर समेत अन्य सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म से गलत सूचना या अफवाहों के प्रसार को तत्काल रोकने की आवश्यकता है.

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