Sunday, August 1, 2021

 

 

 

कठुआ केस में जांच करने वाले SIT के सदस्यों के खिलाफ FIR के आदेश

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2018 में 8 साल की एक नाबालिग लड़की से कथित तौर पर मंदिर में सामूहिक बला*त्कार और ह*त्या के मामले में अब नया मौड़ आ गया है। दरअसल जम्मू कोर्ट ने जांच करने वाले विशेष जांच दल (SIT) के 6 सदस्यों के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया है।

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम सागर ने मामले के गवाहों सचिन शर्मा, नीरज शर्मा और साहिल शर्मा की एक याचिका पर जम्मू के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को निर्देश देते हुए कहा कि इन छह लोगों के खिलाफ संज्ञेय अपराध बनता है।

अदालत ने तत्कालीन एसएसपी आर के जल्ला (अब सेवानिवृत्त), एएसपी पीरजादा नाविद, पुलिस उपाधीक्षकों शतम्बरी शर्मा और निसार हुसैन, पुलिस की अपराध शाखा के उप निरीक्षक उर्फन वानी और केवल किशोर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिये और जम्मू के एसएसपी से 11 नवम्बर को मामले की अगली सुनवाई पर अनुपालन रिपोर्ट देने को कहा।

मामले में  बच्ची के पिता मोहम्मद अख्तर ने द क्विंट से बात करते हुए कहा कि वह हैरान हैं कि ऐसा हो सकता है। “पुलिस अधिकारियों ने बार-बार हमें बताया था कि उनके पास यह साबित करने के लिए सबूत हैं कि विशाल जंगोत्रा मेरी बच्ची के साथ रे*प करने के लिए कठुआ आया था। हम पहले ही इस बात से दुखी थे कि उसे सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। हमने विशाल जंगोत्रा को लेकर कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने का फैसला किया था। लेकिन, अब वे पुलिस अफसरों के ही खिलाफ केस दर्ज करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ये गलत है।”

विशाल जंगोत्रा के बरी होने के खिलाफ अपील करने की पुष्टि करते हुए मुबीक फारूकी ने कहा, “अपील 10 जून के फैसले के बाद दायर की गई थी और मामले की पहली सुनवाई 5 जुलाई को पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में हुई थी।” उन्होंने बताया कि पुलिस अफसरों को भी आगे जाना चाहिए और FIR को रद्द करने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘कोर्ट को जांच का आदेश देना चाहिए था लेकिन आगे जाकर FIR दर्ज करने का आदेश कठोर फैसला है। यह उनकी सर्विस और ड्यूटी पर एक काला निशान है, जो हमेशा बना रहेगा। मुझे लगता है कि वे FIR रद्द कराने के लिए हाई कोर्ट का रुख करेंगे।’

बता दें कि इस साल जून में जिला और सत्र न्यायाधीश तेजविंदर सिंह ने 3 मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, जबकि मामले में सबूत नष्ट करने के लिए तीन अन्य को 5 साल जेल की सजा सुनाई थी।

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