उत्तर प्रदेश शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को मदरसों को आतंक से जोड़ना महंगा पड़ गया है. जमीअत उलेमा ए हिंद ने रिज़वी को 20 करोड़ रु का मानहानि नोटिस भेजा है. नोटिस में रिज़वी से भारतीय मुसलमानों से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है.

जमीअत उलेमा ए हिंद के कानूनी सलाहकार गुलजार आजमी ने बताया कि शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिजवी द्वारा भेजे गए पत्र जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा दी जाती है और दीनी मदरसों में बजाय डॉक्टर, इंजीनियर पैदा होने के आतंकवादी पैदा होते हैं इसलिए उन्हें बंद कर देना चाहिए और उन्हें आधुनिक शिक्षा से जोड़ देना चाहिए जहां मुसलमानों के साथ दूसरी जातियों के बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकें पर मुसलमानों को कड़ी आपत्ति है और जमीअत उलेमा के रूप मुस्लिम प्रतिनिधि संगठन इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज करती है.

गुलजार आजमी ने कहा कि एडवोकेट शाहिद नदीम द्वारा भेजे गए नोटिस में यह कहा गया है कि वसीम रिजवी ने बिना किसी पुख्ता सबूत और डेटा के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उन्हें भारतीय मुसलमानों को लेकर गुमराह करने की कोशिश की जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

गुलजार आजमी ने कहा कि भारत के विभिन्न प्रांतों में स्थापित दीनी मदारिस में इस्लाम की बुनियादी शिक्षा के साथ देशभक्ति और अन्य समुदायों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंध स्थापित करने की शिक्षा दी जाती है तथा आज तक ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जिससे यह साबित होता हो कि मदरसों में आतंकवाद की शिक्षा दी जाती है और मदरसों के आतंकवादियों का जन्म होता है.

यूपी शिया वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष वसीम रिजवी को भेजे गए कानूनी नोटिस के संबंध में एडवोकेट शाहिद नदीम ने कहा कि उन्होंने अध्यक्ष जमीअत उलेमा महाराष्ट्र मौलाना मुस्तक़ीम अहसन आजमी के निर्देश पर नोटिस भेजा जिसमें वसीम रिज़वी से बीस करोड़ रुपया क्षतिपूर्ति की मांग करते हुए मुसलमानों से माफी की मांग की है.

एडवोकेट शाहिद नदीम ने कहा कि वसीम रिज़वी के पत्र के बाद एक ओर जहां आम मुसलमानों में बेचैनी फैली हुई है वहीं मदरसों के टीचर भी चिंतित हैं कि उनकी दी हुई शिक्षाओं पर भी आरोप लगाया गया है जिसके के लिये वसीम रिज़वी उन्हें कानूनी नोटिस भेजकर उन्हें क्षमा करने के लिए कहा गया है.

इस मामले में रिजवी ने कहा है कि ‘‘अभी मुझे नोटिस नहीं मिली है. सिर्फ सोशल मीडिया से इस बार में पता चला है. नोटिस आएगा तो जवाब दिया जाएगा. मैने सारे मदरसों से आतंकवाद फैलने की बात नहीं कही है. मैने राम मंदिर के मामले में आवाज उठाई है. इसी का यह नतीजा है.  जान से मारने की भी धमकी दी जा रही है.”

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