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हैदराबाद स्थित जामिया निजामिया ने झींगे, केकड़े और चिंराट  को इस्लाम में खाना हराम बताया है. इस सबंध में फतवा जारी कर कहा गया कि ये तीनों मछलियों में शामिल नहीं है. इसलिए इस्लाम में तीनों को खाना हराम है. मुफ्ती मोहम्मद अजीमुद्दीन ने ये फतवा जारी किया है.

फतवे में कहा गया है कि झींगा संधिपाद प्राणी है और यह यह मकरूह तरहीम की श्रेणी में आता है, जो खाना हराम है.  मुसलमानों के लिए यह खाना हराम है. साथ ही कहा गया कि मुस्लिमों को सलाह दी जाती है वह यह सब ना खाएं.

गौरतलब है कि जामिया निजामिया एक मशहूर इस्लामिक शैक्षणिक संस्था है, 142 साल पुराना दक्षिण भारत के इस अहम मदरसे को विदेशों में भी प्रतिष्ठित संस्था के रूप में देखा जाता है.

हालाँकि फतवे के खिलाफ कई मुफ्ती खुलकर सामने आ गए हैं. जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मुफ्ती मोहम्मद अबरार ने झींगे को हराम बताने वाले फतवे का कड़ा विरोध किया है.

मुफ्ती मोहम्मद अबरार ने कहा, ‘झींगे के अंदर खून नहीं होता. यह मछली प्रजाति की तरह है और इसे खाने में कोई हर्ज नहीं है.’ उलेमा-ए-देवबंद भी झींगा खाने को हराम नहीं मानता.

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