जामिया मिलिया इस्लामिया की बड़ी कामयाबी, वर्ल्ड रैंकिंग में लगाई बड़ी छलांग

6:46 pm Published by:-Hindi News

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने बड़ा कीर्तिमान रचते हुए टाइम्स हायर एजुकेशन इमर्जिंग इकोनॉमीज यूनिवर्सिटी की 2019 की रैंकिंग में एक बड़ी छलांग लगाई है। जेएमआई ने इस साल 187वां स्थान पाया है। बता दें कि पिछले साल जेएमआई की रैंकिंग 201-250 के बीच थी।

जेएमआई की रैंकिंग में लगातार होते जा रहे सुधार पर खुशी जताते हुए विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो शाहिद अशरफ ने कहा ”यह दर्शाता है कि जेएमआई के अनुसंधान, प्रकाशनों और शिक्षा के स्तर में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिसकी वजह से इसकी अंतरराष्ट्रीय पैमाने पर पहचान में भी इज़ाफा होता जा रहा है।”

टाइम्स हायर एजुकेशन इमर्जिंग इकोनॉमीज यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 43 देशों के 442 विश्वविद्यालयों का अध्ययन किया गया। इस बार टाइम्स हायर एजुकेशन इमर्जिंग इकोनॉमीज यूनिवर्सिटी की रैंकिंग में सिर्फ उन्हीं शैक्षिक संस्थानों को शामिल किया गया है जिन्हें एफटीसएसई ने ”एडवांस्ड इमरजिंग”, ”सैकण्डरी इमरजिंग” या ”फ्रंटिअर” के रूप मान्यता मिली हुई है। भारत सेकंडरी इमरजिंग श्रेणी में आता है।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया की स्थापना अलीगढ़ में 1920 में उसके संस्थापक सदस्यों – शैखुल हिंद मौलाना महमूद हसन, मौलाना मुहम्मद अली जौहर, जनाब हकीम अजमल ख़ान, डॉ मुख्तार अहमद अंसारी, जनाब अब्दुल मजीद ख़्वाज़ा और डॉ. ज़ाकिर हुसैन के दृढ़ संकल्प और अथक प्रयासों द्वारा की गई जिसका उद्देश्य था कि इस संस्थान के माध्यम से स्वदेशी संस्कार और बहुलतावादी भावना को दर्शाया जा सके।

इस की स्थापना एक राष्ट्रीय संस्थान के रूप की गई जो सभी समुदायों के छात्रों और विशेष रूप से मुस्लिम समुदायों के छात्रों को प्रगतिशील शिक्षा प्रदान कर सके और उनमें और राष्ट्रवाद की भावना का विकास कर सके। जामिया की स्थापना को गांधीजी और रबिंद्रनाथ टैगोर ने इस आधार पर समर्थन किया कि जामिया एक साझा संस्कृति और वैश्विक नजरिए द्वारा सैकड़ोंझारों छात्रों का मार्ग प्रशस्त कर सकता है। जामिया के विकास में इसके कर्मचारियों और छात्रों ने बलिदान दिया है और साथ ही इसके विकास में कई व्यक्तियों का महत्त्वपूर्ण योगदान शामिल है।

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