जामिया मिलिया इस्लामिया ने ‘फॉस्टर केयर राष्ट्रीय संसाधन केंद्र’ (एनआरसीएफसी) की शुरुआत की है. इस केंद्र के जरिए एक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम का संचालन किया जायेगा. एनआरसीएफसी को शुरू करने का मकसद बेसहारा बच्चों की जिंदगी को संवारना हैं.

जामिया के मीडिया विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस केंद्रीय विश्वविद्यालय के ‘बचपन विकास एवं अनुसंधान केंद्र’ ने ब्रिटिश संस्था ‘रेनबो फॉस्टरिंग’ के सहयोग के साथ इस केंद्र का गठन किया है. यह केंद्र बेसहारा बच्चों को जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए काम करने के साथ ही यतीम बच्चों के लिए काम करने वालों एवं संस्थानों को प्रशिक्षण भी देगा.

जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति प्रफेसर तलत अहमद ने इस बारें में बताते हुए कहा कि ‘बेसहारा और यतीम बच्चों की मदद के लिए इस तरह की पहल करने वाला जामिया देश का पहला विश्वविद्यालय है. उम्मीद है कि जामिया की इस पहल का दूसरे विश्वविद्यालय भी अनुसरण करेंगे.’

मुस्लिम परिवार में शादीे करने के इच्छुक है तो अभी फोटो देखकर अपना जीवन साथी चुने (फ्री)- क्लिक करें 

वहीँ राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की अध्यक्ष स्तुति कक्कड़ ने कहा, ‘लोगों में इसको लेकर जागरूकता फैलाने की जरूरत है कि गोद लेने और पालन-पोषण में फर्क है. गोद लेने की स्थिति में बच्चे को संपत्ति में अधिकार देना होता है, किन्तु पालन-पोषण की स्थिति में ऐसा नहीं होता है.’

Loading...