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जैन मुनी विश्रांत सागर ने लड़कियों के खिलाफ बेहद ही आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हे सामग्री करार दिया। इतना ही नहीं अपराधों के लिए भी लड़कियों को जिम्मेदार ठहराया।

सीकर जिला मुख्यलय पर चातुर्मास कर रहे जैन मुनि विश्रांत सागर ने बुधवार ( 29 अगस्त) को पत्रकार वार्ता को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज के समय में लड़कियों को बेहद संभल कर चलने की जरुरत है क्योंकि लड़कियों को अपने पीहर पक्ष और ससुराल पक्ष दोनों की इज्ज्ज बचा कर रखनी है।

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जैन मुनि ने कहा कि आज के समय में लड़कियों को पाश्चात्य संस्कृति के बहकावे में नहीं आकर, संस्कार के साथ शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। इस दौरान उन्होंने लड़कियों को सामग्री भी बताया।

उन्होने कहा कि लड़कियों के खिलाफ अपराध की घटनाओं में 95 फीसदी गलती लड़कियों की होती है। बता दें कि पहले ही महिलाओं के साथ बढ़ते अपराधों को लेकर कई धर्मगुरु ऐसे बयान दे चुके है।

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