नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सबसे विश्वासपात्र सहयोगी कर्नल निजामुद्दीन का आज सुबह निधन हो गया. 117 साल की उम्र वाले निजामुद्दीन नेताजी सुभाष चंद्र बोस के ड्राइवर भी रहे हैं. उन्होंने बोस के साथ आजाद हिन्द फ़ौज बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

निजामुद्दीन लंबे वक्त से बीमार थे. उनके छोटे बेटे अकरम ने बताया कि आज सुबह 4 बजे उनका निधन हुआ. आजमगढ़ के मुबारकपुर के रहने वाले कर्नल निजामुद्दीन को आज जोहर की नमाज के बाद सुपुर्दे-ए-खाक किया जाएगा. बेटे अकरम ने बताया कि उन्होंने अपने पिता को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मान्यता दिलवाने की काफी कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

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याद रहें आजाद हिन्द फ़ौज का आदर्श नारा ‘जय हिन्द’ को पहली बार कर्नल निजामुद्दीन ने ही दिया था. जो सुभाष चंद्र बोस को काफी पसंद आया था. और उन्होंने अपनी फ़ौज में इस आधिकारिक रूप से अपनाया था.

कर्नल निजामुद्दीन ने बर्मा में छितांग नदी के पास 20 अगस्त 1947 को नेताजी को उन्होंने आखिरी बार नाव पर छोड़ा था. इसके बाद से आज तक उनकी नेताजी से मुलाकात नहीं हुई

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