लड़ाकू विमान राफेल के सौदे को लेकर पहले ही परेशानी झेल रहे कारोबारी अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप को बड़ा झटका लगा है। जम्मू-कश्मीर के गवर्नर सत्यपाल मलिक ने रिलायंस को मिले मेडिकल इंश्योरेंस के कॉन्ट्रैक्ट को रद्द कर दिया। टेंडर्स को आवंटन में फर्जीवाड़ा के खुलासे के बाद रद्द किया गया।

मलिक ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा, ‘हम इसकी जांच कर रहे हैं। इसके लिए टेंडर किसी अन्य कंपनी ने मंगवाया था, सरकार ने नहीं। हम यह मामला विजिलेंस को सौंप रहे हैं। इसमें जो भी शामिल हो, फिर चाहे कोई अधिकारी या बिजनेसमैन, बख्शा नहीं जाएगा।’

जानकारी के अनुसार, राज्य के साढ़े 3 लाख नियमित कर्मचारियों को इंश्योरेंस प्रदान करने के लिए रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। इस इंश्योरेंस के लिए कर्मचारियों और पेंशनधारकों को क्रमश: 8777 रुपये और 22229 रुपये का सालाना प्रीमियम देना था। यह सभी सरकारी कर्मचारियों को लेना अनिवार्य था।

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लेकिन सरकार की ओर से ट्रिनिटी ग्रुप ने टेंडर निकाले गए। जिसमे  ‘रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी को मौका देने के लिए शर्तों में बदलाव किए गए।’ वित्त सचिव नवीन चौधरी ने द इंडियन एक्सप्रेस से कहा, ‘शिकायतों के निस्तारण और ट्रांजेक्शन अडवाइजर के लिए ट्रिनिटी ग्रुप का चुनाव बोली की प्रक्रिया के जरिए हुआ था। किसी चूक से बचने के लिए यह एक मानक प्रक्रिया है  क्योंकि सरकारी अफसरों को इंश्योरेंस से जुड़े मुद्दों की समुचित विशेषज्ञता नहीं है।’

उन्होंने कहा कि इस ग्रुप इंश्योरेंस कंपनी का कुल कीमत 280 करोड़ रुपये था, जिसमें अडवांस प्रीमियम के तौर पर 60 करोड़ रुपये दे दिए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, इस 60 करोड़ रुपये का भुगतान कथित तौर पर बिना चीफ सेक्रेटरी और गवर्नर की मंजूरी के हुआ। इस कॉन्ट्रैक्ट को खत्म करने का आदेश जल्द ही जारी होगा।

गवर्नर का कहना है कि कई कर्मचारियों ने ज्यादा प्रीमियम की शिकायत करते हुए इस इंश्योरेंस पॉलिसी को लेने के खिलाफ विरोध जताया था। गवर्नर के मुताबिक, इन शिकायतों के बाद उन्होंने खुद फाइलों का अध्ययन किया और पाया कि इस स्कीम में कई समस्याएं हैं।